संघ के नेता लगातार ज़मीन पर सक्रिय रहते हैं और उन्हें लगातार कई प्रदेशों व राज्यों की यात्राएँ करनी होती हैं। ऐसे में उन्हें निशाना बना कर आतंकी भारत सरकार और भाजपा को भी ख़ास सन्देश देना चाह रहे हों, ऐसा हो सकता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इस सम्बन्ध में ख़ुफ़िया सूचना दी है।
सुबह ही पुलिस ने स्पष्ट किया था कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन जेकेएलएफ से सम्बंधित संगठनों ने घाटी में आने वाले दिनों में हिंसा की घोषणा करते हुए पर्चे बाँटे हैं और वे एक गैरकानूनी संगठन के संदेशों और गतिविधियों का प्रचार कर रहे हैं। शाम होते-होते...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कासिम अल-रिमी को ढेर किए जाने का दावा किया है। कासिम अल-रिमी को अलकायदा ने अरब देशों में आतंक की कमान संभालने की जिम्मेदारी दे रखी थी। उसे आतंकी सरगना अयमान-अल जवाहिरी के बाद अलकायदा में दूसरे नंबर पर माना जाता था।
आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। आतंकियों ने श्रीनगर के पारिम पोरा चेक पोस्ट पर हमला कर दिया। इस दौरान सीआरपीएफ के एक जवान वीरगति को प्राप्त हुए।
अब्दुल शमीम और तौफिक की प्लानिंग सब-इंस्पेक्टर विल्सन की हत्या तक सीमित नहीं थी। इन दोनों ने 26 जनवरी को आत्मघाती हमले की योजना भी बना रखी थी। तमिलनाडु सरकार ने इनके व्यापक इस्लामी मॉड्यूल को देखते हुए केस की जाँच NIA से कराने की सिफारिश की है।
ISIS की न्यूज एजेंसी अमाक ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें आठ साल का लड़का एक ईसाई बंधक को गोली मारता नजर आ रहा है। साथ ही ईसाइयों को धमकी भी दे रहा है। एक अन्य घटना में आतंकियों ने पादरी का सिर कलम कर दिया।
आमिर अल सल्बी के इशारे पर ही इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट का खिलाफत कायम होने के बाद यजीदी बच्चियों और महिलाओं से रूह कॅंपा देने वाले अत्याचार अंजाम दिए गए थे। उनसे बार-बार रेप किया गया और उन्हें सेक्स स्लेव बनाकर रखा गया।
मदरसा से शिक्षित आरोपित मुस्तफा को गिरफ़्तार किया गया है, जिसने ख़ुद से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पढ़ाई की और फिर अवैध कारगुजारियों में लग गया। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध टिकटिंग रैकेट के तार टेरर फंडिंग से जुड़े हैं।
इससे पहले, चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने कहा था कि अगर आतंक का ख़ात्मा करना है तो आतंकवादियों से अमेरिका की तरह लड़ाई लड़नी होगी। जैसा कि उन्होंने 9/11 के बाद आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी।
घंटों चली मुठभेड़ के बाद हिजबुल के 3 आतंकियों को ढेर कर दिया। मारे गए तीन आतंकियों में एक नाम आदिल डार का भी है। जो कुछ समय पहले एसपीओ की नौकरी छोड़ आतंकवादी बना था और पूर्व विधायक अहमद डार के घर से सुरक्षाकर्मियों की राइफल लेकर फरार हो गया था।