दर्जनों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बंदूकों और हथियार के साथ शंकरी बागड़ी के घर को घेर लिया। टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, तो टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान शंकरी बागड़ी को गोली जा लगी। झड़प में 6 अन्य भाजपा समर्थक भी घायल हो गए हैं।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य के भाजपा नेता पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग कर रहे हैं। यदि स्थिति ऐसी होती है, और समय की माँग है, तो निश्चित रूप से राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
सब्यसाची का काफी समय से पार्टी नेताओं से मतभेद भी चल रहा था। उन्होंने भी पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। उन्हें मेयर के पद से हटाने के लिए टीएमसी के सदस्य ही अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे।
स्टिंग ऑपरेशन में मिर्ज़ा ख़ुद यह कहते हुए दिखे कि वे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई मंत्री, सासंद, विधायक व नेताओं के काफ़ी क़रीबी हैं। नारद न्यूज़ पोर्टल ने जो स्टिंग ऑपरेशन किया था, उसमें मिर्ज़ा को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते देखा गया था।
छापेमारी के दौरान ईडी ने लेनदेन से संबंधित कई कागजात, डिजिटल सबूत के साथ ही संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। इस साल के शुरुआत में केडी सिंह से संबंधित अल्केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी लिमिटेड कंपनी की 239 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा सहित चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने इस साल झारखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा में और जनवरी 2020 में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन को सुधारने का मौका माँगा।
पुलिस ने इस बंद के दौरान अब तक उत्तर 24 परगना में 13 भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि टीएमसी के उत्पात पर अभी पुलिस द्वारा लिए गए एक्शन की कोई खबर नहीं आई है।
मृतका के पति के अनुसार लंबे समय से तृणमूल के दो गुटों में रस्साकशी चल रही थी। इसकी वजह से वह घर छोड़कर कहीं और रह रहा था। शनिवार की रात तृणमूल यूथ विंग के स्थानीय कार्यकर्ता उसकी तलाश में पहुँचे और उसकी पत्नी से गैंगरेप किया।
अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने उनके सिर पर लाठी से मारा और गालियाँ दी। सिंह ने कहा कि उनके आवास पर भी पुलिस और तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उनके सिर में 12 टाँके लगे हैं।