"सराय मुर्तजा कॉलोनी में कुछ बदमाश लड़कियों को परेशान कर रहे थे और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कह रहे थे। लड़कियों ने हमें बताया कि जब उनके परिवारों को बिना बुर्का के कॉलेज भेजने में कोई समस्या नहीं थी, तो ये लोग इस मामले पर कैसे सवाल उठा सकते हैं?"
सुरजीत मयूर विहार से निगम पार्षद भी रहे थे। 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। इस बार पटपड़गंज से दिल्ली के डिप्टी सीएम सिसोदिया बड़ी मुश्किल से 3201 वोटों से जीत पाए थे।
मैग्सेसे विजेता के साथ-साथ उनके 9 अन्य साथियों को भी पुलिस ले गई है, जो क्षेत्र में शांति भंग करने का प्रयास कर रहे थे। वे बिना अनुमति लखनऊ के घंटाघर से गोमती नगर तक मार्च भी निकालने वाले थे।
प्रशांत सिंह को 'कायर' बताते हुए 'भूसा भर के पर्दा गिरा देने' की धमकी भी दी जा रही है। बिलाल ख़ान नामक सपा कार्यकर्ता ने प्रशांत को 'मोदी का कुत्ता, शाह का रखैल और योगी की नाजायज औलाद' जैसे आपत्तिजनक तमगों से नवाजा है।
पिता-पुत्र दोनों यूपी के सीएम रहे हैं। पिता राम भक्तों की लाश पर चढ़े 'मुल्ला' बने थे। अब बेटे की 'जय श्रीराम' से चिढ़ सामने आई है। भरी सभा में सपा कार्यकर्ताओं ने नारा लगाने पर एक युवक को पीटा और अखिलेश देखते रहे।
पुलिस ने बताया कि महिला की शादी 6 साल पहले असलम से हुई थी। दोनों का 3 साल का एक बच्चा भी है। पीड़िता का आरोप है कि असलम ने अपना नाम सोनू बताकर उससे नजदीकियाँ बढ़ाईं और शादी कर ली।
पिछले वर्ष केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि देवबंद आतंकवाद का अड्डा बन गया है। इतना ही नहीं हाफिज सईद और बगदादी जैसे आतंकवादी भी देवबंद से शिक्षा लेते हैं। उन्होंने आगे कहा था कि गुरुकुल से आजतक कोई बच्चा आतंकी नहीं निकला, लेकिन देवबंद से निकले हुए लोग देशभक्त का तो पता नहीं, लेकिन आतंकी जरूर बनते हैं।
बिजली विभाग के लखनऊ में स्थित एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। जहाँ भी बिल पेंडिंग हैं, वहाँ का बिजली कनेक्शन काटा जा रहा है। मायावती का घर भी इसी क्रम में बिजली विभाग की रडार पर आया।
आरिफ और उसके परिवार वाले बोलेरो की मॉंग कर रहे थे। मॉंग पूरी नहीं होने पर आरिफ ने पहले तीन तलाक दे सीमा को घर से निकलने को कहा। इसका विरोध करने पर परिजनों के साथ मिल उसे आग के हवाले कर दिया।
जिला प्रशासन ने AMU से जुड़े 44 छात्रों सहित कुल 58 लोगों की भी पहचान की है, जिनको शहर में शांति भंग करने के लिए प्रशासन नोटिस जारी कर रहा है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को भी उनके पते उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।