पिता राजेश कुमार ने बताया है कि वह सनातन धर्म को मानने वाले व्यक्ति हैं और उनकी बेटी को सलमान सुहेल ने धर्मपरिवर्तन करके मुस्लिम युवक से शादी करने के लिए अगवा कर लिया है। अब बच्ची भी किसी डर से उसी के पक्ष में बात कर रही है।
मिर्ज़ापुर में एक सरकारी स्कूल में छात्रों को मिड डे मील के नाम पर नमक-रोटी दिए जाने की बात सामने आई थी। स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल ने इसका वीडियो बनाया था, जिसके बाद प्रशासन द्वारा उनके ख़िलाफ़ कई मुक़दमे दायर कर दिए गए।
जावेद को जब कोई युवती वीडियो कॉल करती थी तो वह भेद खुलने के डर से रिसीव नहीं करता था। जावेद की पत्नी अपने शौहर की इस हरकत से तंग आ चुकी थी और गुस्से में उसने उसके 5 फोन फोड़ डाले थे। जावेद की बीवी ने उसके फोन में कई नंगी लड़कियों की तस्वीरें देख ली थीं।
डीएम अनुराग पटेल कहते हैं कि प्रिंट के पत्रकार ने वीडियो बनाया, इसीलिए उस पर मुक़दमे दायर किए गए। डीएम साहब बताएँ कि रेडियो पत्रकार को देखने का हक़ है या उसे सिर्फ़ सुन कर ही काम चलाना है? प्रशासनिक लापरवाही को छिपाने के लिए ख़ुद का मज़ाक बना रहे डीएम।
आमिर खान की याचिका में कहा गया है कि ट्रायल जज ने स्वीकार किया है कि पीड़िता के पिता के साथ मारपीट या पिटाई की साजिश में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसलिए याचिकाकर्ता सहित पुलिस अधिकारियों को हत्या के लिए उत्तरदायी बनाना गैरकानूनी है।
पूछताछ में उसने अधिकारियों से कई भाषा में बात की। कई भाषाओं का जानकार होना और बस्ते से मिले सामान से उसकी सच्चाई पर सवाल बना हुआ है। पूरी जाँच के बाद ही साफ़ होगा कि असलम बीमार है या फिर वास्तविकता छिपाने के लिए कहानी गढ़ी गई है।
चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया गया था। चिन्मयानंद महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। 72 वर्षीय स्वामी चिन्मयानंद ने दावा किया था कि उनकी छवि ख़राब करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है।
2016 में सपा सांसद आज़म खान ने 'कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना' के अंतर्गत सपा कार्यालय से मकानों के आवंटन पत्र बाँटे थे। जबकि, सरकारी ऑफिस में इन मकानों के आवंटन का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि खेतों व सड़कों पर कोई भी निराश्रित गाय घूमती न मिले, इसका ख़ास ध्यान रखा जाए। उन्होंने पुलिस को गो-तस्करी के ख़िलाफ़ कड़ाई से क़दम उठाने का निर्देश देते हुए अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई करने को कहा।
जस्टिस आर बानुमति और जस्टिस ए. एस. बोपन्ना ने करीब 5 घंटे तक छात्रा का इंतजार किया। पहली सुनवाई दिन में 1.15 मिनट पर हुई, जब पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से लड़की की लोकेशन माँगी और पूछा कि कितने समय में उसे सुप्रीम कोर्ट लाया जा सकता है?