एक पूर्व मंत्री समेत 10 पूर्व विधायकों को भी ज़िला छोड़ने का नोटिस दिया गया है। यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि वो फ़ैसले वाले दिन जिले में दिखाई दिए तो उनकी तुरंत गिरफ़्तारी होगी।
मैनपुरी पुलिस ने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से प्रियंका गाँधी की फ़र्ज़ी ख़बर का खंडन किया है। कहा कि उन्होंने बेवजह इस मुद्दे को जातिवादी रंग दिया। दो पक्षों के बीच जो झड़प हुई थी वो राजपूत परिवार के बीच हुई थी।
प्रदेश सरकार ने सहायक सेनानायक अरुण कुमार, फैजाबाद में डिप्टी एसपी विनोद कुमार राणा, आगरा में डिप्टी एसपी नरेंद्र सिंह राणा, सहायक सेनानायक झाँसी तेजवीर सिंह यादव, डिप्टी एसपी मुरादाबाद संतोष कुमार सिंह तथा सहायक सेनानायक गोंडा में कार्यरत तनवीर अहमद खाँ को अनिवार्य सेवानिवृति प्रदान की है।
आरोपित डीपीएस राठौड़ और स्थानीय नेता अजीत सिंह सबूत के बदले चिन्मयानन्द से सवा करोड़ रुपये माँग रहे थे। इस मामले में यूपी पुलिस की एसआईटी ने आरोपितों पर आईपीसी की धारा 385(रंगदारी) , 506 (धमकी देने) और 201 (सबूत नष्ट करने) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
2012 में अखिलेश सरकार बनते ही किसी आईएएस की जगह एक इंजीनियर एपी मिश्रा को यूपीपीसीएल का प्रबंध निदेशक बनाया गया था। इतना ही नहीं सपा सरकार के दौरान मिश्रा को रिटायर होने के बाद भी नियम के विरुद्ध जाकर तीन बार सेवा विस्तार मिला था। एपी मिश्रा ने अखिलेश यादव पर किताब भी लिखी थी।
नेपाल के रास्ते 7 आतंकवादी उत्तर प्रदेश में घुस चुके हैं। ये सभी पाकिस्तानी आतंकवादी हैं, जिन्हें अयोध्या में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है। सम्भावना है कि ये अयोध्या, फ़ैजाबाद और गोरखपुर में छिपे हो सकते हैं। सात में से पाँच आतंकियों की पहचान भी हो गई है।
प्रशासन ने कहा है कि अफ़वाह फैलाने वाले की सूचना देने वाले का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। दोषी पाए जाने पर अफ़वाह फैलाने वालों को दंडित किया जाएगा। जनजीवन को सामान्य रखने में ज़िला प्रशासन के सभी अधिकारियों का सहयोग करें।
आजम खान पर मदरसे से किताबें और क्लब से शेर की मूर्तियाँ चुराने का भी आरोप है। अगस्त में उनके बेटे के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला था। यहॉं भी सिंचाई विभाग की ज़मीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया गया था।
मंसूरी समुदायों के लोगों का दावा है कि उनके समुदाय के पूर्वजों का सैकड़ों वर्ष पुराना कब्रिस्तान अंसारगंज में स्थित है। जिसका उल्लेख राजस्व अभिलेखों में भी है।
गोतस्करों के इस गिरोह का सरगना दिल्ली का जुल्फिकार उर्फ मुल्ला है। यह गिरोह गाजियाबाद, मेरठ, बागपत आदि जनपदों से गोवंश का कटान कर दिल्ली में मीट सप्लाई करता है।