उत्तर प्रदेश के बदायूं के उघैती में नवरात्रि के आखिरी दिन रविवार की देर रात कुछ अराजक तत्वों ने इलाके में स्थित शिव मंदिर में तोड़फोड़ करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस ने...
पीड़िता अपने प्रेमी के साथ बाइक पर जा रही थी। बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और युवती के साथ बदसलूकी करना शुरू कर दिया गया। युवती ने अपना चेहरा दुपट्टे से ढक रखा था। बदमाशों ने जबरन दुपट्टा हटा कर वीडियो बनाने का प्रयास किया। बाद में आरोपितों ने लड़के को पकड़ लिया।
उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले की कैराना विधानसभा से समाजवादी पार्टी विधायक नाहिद हसन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोर्ट से कुर्की का नोटिस पारित होने के बाद तीन अलग-अलग मामलों में फ़रार चल रहे नाहिद हसन को शामली की विशेष अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।
"इस फैसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। एसपी ने अपने दम पर ऐसा किया है और जब तक हमें मुख्यमंत्री की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, हम न तो इस पहल को मंजूरी देंगे और न ही इसे अस्वीकार करेंगे।”
"तीन भाइयों- आसिफ़, हाफिज़ और अनीस के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। ये मृत बंदर के इर्द-गिर्द घूम रहे थे और उनमें से एक ने बंदर को गोली मार दी। बंदर की पीठ पर गोली लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।" हिंदू मान्यता के अनुसार बंदर को भगवान हनुमान का रूप कहा जाता है।
इससे पहले आजम खान 2 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले के संबंध में बयान दर्ज करवाने के लिए एसआईटी के सामने पेश हुए थे। इस दौरान जाँच टीम ने सपा सांसद से 150 सवाल पूछे थे। जिसके बाद उन्होंने बयान दिया था कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
फरहीन और इंतजार का करीब तीन साल पहले निकाह हुआ था। 3 अक्टूबर को फरहीन को उसके परिजन अपने घर ले गए। पीछे-पीछे इंतजार भी ससुराल पहुॅंच गया। अगले दिन संदिग्ध परिस्थितियों में जलने के कारण उसकी मौत हो गई।
अदिति सिंह ने कहा कि उनको कोई नोटिस नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में विधायक राजेश सिंह और विधान परिषद के सदस्य दिनेश सिंह भी शामिल हुए थे। पार्टी विधानमंडल दल ने क्या उन्हें भी नोटिस भेजा है?
दुष्कर्म के बाद आरोपित किशोरी को उसके घर के पास फेंक कर फरार हो गए।आरोपित भी पीड़िता के गॉंव से ही हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
मौलाना ने हेड कॉन्स्टेबल पीड़िता को विश्वास दिलाया कि उसका बेटा उसके मृत पति के पास है। बेटे का इलाज करने के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। शारीरिक संबंध न बनाने पर महिला को उसके बेटे की मौत की चेतावनी देकर डराता-धमकाता था मौलाना।