Homeदेश-समाजबंदर को गोली मारने पर साम्प्रदायिक तनाव; आसिफ़, हाफ़िज़ और अनीस के ख़िलाफ़ FIR

बंदर को गोली मारने पर साम्प्रदायिक तनाव; आसिफ़, हाफ़िज़ और अनीस के ख़िलाफ़ FIR

“अल्पसंख्यक समुदाय के तीन युवकों ने बंदर को गोली मार दी। उन्होंने कुछ आपत्तिजनक बयान भी दिए हैं। हम उन्हें तत्काल गिरफ़्तार किए जाने और उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की माँग करते हैं।”

उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले में तीन लोगों द्वारा एक बंदर की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से इलाक़े में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बन गया है। इसकी जानकारी ख़ुद पुलिस ने दी। दरअसल, हिंदू मान्यता के अनुसार बंदर को भगवान हनुमान का रूप माना जाता है और इसे चोट पहुँचाना पाप माना जाता है। 

कैराना के क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रदीप कुमार ने बताया,

“तीन भाइयों- आसिफ़, हाफिज़ और अनीस के ख़िलाफ़ एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जो शनिवार को कथित रूप से बंदर के इर्द- गिर्द घूम रहे थे और उनमें से एक ने परिवार के चार लाइसेंसी हथियारों में से एक से बंदर को गोली मार दी।”

पुलिस के अनुसार, बंदर की पीठ पर गोली लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और बंदर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद उसे दफ़ना दिया गया। वन विभाग ने वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम-1972 की धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिसके अंतर्गत छ: महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हालाँकि, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है।

घटना के बाद बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया और ख़बर फैलते ही उनके साथ ग्रामीण भी जुड़ गए। बजरंग दल की युवा इकाई के जिला अध्यक्ष सन्नी सरोहा ने कहा, “अल्पसंख्यक समुदाय के तीन युवकों ने बंदर को गोली मार दी। उन्होंने कुछ आपत्तिजनक बयान भी दिए हैं। हम उन्हें तत्काल गिरफ़्तार किए जाने और उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की माँग करते हैं।” स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।

ख़बर के अनुसार, आरोपित का कहना है कि इलाक़े में बंदरों ने काफी परेशान किया हुआ है। यह काफ़ी नुकसान कर चुके हैं और परिवार के सदस्यों को भी चोट पहुँचा चुके हैं। फ़िलहाल, पुलिस ने आरोपित युवक और उसके भाई के नाम जारी लाइसेंसी हथियार समेत कारतूस ज़ब्त कर लिए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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