डब्ल्यूएचओ के टेक्निकल एडवाइजरी समूह ने भारत बायोटेक की इस वैक्सीन के लिए इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) की सिफारिश की कर दी थी। इसके बाद संगठन ने यह फैसला लिया।
WHO ने ट्वीट में बताया कि Covid-19 वैक्सीन 'हलाल' हैं और WHO ने यह भी बताया कि मेडिकल फ़िक (Fiqh) सिम्पोसियम द्वारा यह आदेशित किया गया है कि वैक्सीन की 'इस्लामिक शरिया कानून' के मुताबिक उपयोग की अनुमति है।
DGCI के नोटिस में आगे कहा गया है कि बड़ी आबादी के लिए वैक्सीन के रोलआउट से पहले सात दिनों के लिए 100 लाभार्थियों पर सुरक्षा परिणामों का आकलन अभी भी जारी रहेगा।