दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद के लिए केजरीवाल सरकार के यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के बाद कॉन्ग्रेस ट्रोल और इस्लामवादियों ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक साथ हल्ला बोल दिए हैं।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी कि उन्होंने दिल्ली दंगे मामले में पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए हर केस में प्रॉसिक्यूशन की मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस साल अप्रैल में कोरोना वायरस महामारी से लड़ते हुए अपनी जान गँवाने वाले योद्धाओं को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी।
बग्गा ने कहा है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के हरि नगर विधायक राजकुमारी ढिल्लों इस घोटाले में शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने विधायक के इस्तीफे की माँग की है।
इसमें कई इस्लामी विचारधारा के समर्थक और कॉन्ग्रेसी नेता भी मौजूद हैं, जिन्होंने कानूनी अड़चनों के कारण विलम्ब होने पर अतीत में राम मंदिर निर्माण का मखौल उड़ाया था।
अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए अमरिंदर सिंह ने एक बयान में आरोप लगाया कि, इतने सारे लोग मारे गए हैं और अरविंद केजरीवाल को इस घटना से राजनीतिक मुद्दा बनाने में दिलचस्पी है।