RBI गवर्नर दास ने उम्मीद जताई कि सऊदी संकट कुछ समय के लिए है और महंगाई पर इसका सीमित प्रभाव होगा। दास ने कहा कि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार को खर्चे कम करना होगा। दास ने भरोसा जताया कि महंगाई अगले 12 महीनों तक 4 % के नीचे बनी रहेगी।
योगी ने माना कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुकाबले पूर्वांचल में विकास बहुत कम हुआ है, लेकिन ज़ोर दिया कि अब सभी जिलों में बिना भेदभाव विकास कार्य ज़ोर पकड़ रहे हैं।
अगस्त महीने के दौरान चीन के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4.4 फीसदी दर्ज की गई, जो कि फरवरी 2002 के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं जुलाई के दौरान औद्योगिक उत्पादन की दर 4.8 फीसदी दर्ज की गई थी।
झुनझुनवाला ने कहा कि मोदी के वोटर जो चाहते थे, वह सब उन्होंने किया। उनके वोटर 370 हटाना चाहते थे। उनके वोटर राम मन्दिर चाहते हैं। उन्होंने इन वादों पर काम किया है।" झुनझुनवाला ने मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी ज़िक्र किया।
लोगों को पाकिस्तान में पैसा लगाने के लिए हर तरीके से मनाने में नाकाम पाकिस्तान अब उन्हें belly dance से लुभाने की कोशिश कर रहा है! पाकिस्तान पिछले कुछ समय से कटोरा लेकर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के चौराहे पर है, लेकिन...
नीतियाँ लम्बे समय तक के लिए होती हैं, इसलिए सरकारों को सोच समझ कर बोलना चाहिए ताकि बिजनेस करने वालों के बीच यह भरोसा रहे कि यह सरकार जो बोलती है, वो करती है। अगर नीतियाँ तीन महीने में घोषणा के बाद बदलती रहेंगी, जो कि मोदी सरकार में कई बार हो चुका है, तो इंडस्ट्री उसे सही सिग्नल नहीं मानती।
31 अगस्त को रिकॉर्ड 49,29,121 आईटीआर फाइल हुए। CBDT के मुताबिक हर सेकेंड अधिकतम 196 आईटीआर। अगर पीक फाइलिंग दर प्रति मिनट की बात करें तो यह संख्या 7447 थी और हर घंटे अधिकतम 3,87,571 आईटीआर फाइल किए गए।
जितिन प्रसाद ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें जनसंख्या नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दे पर एकसाथ खड़े होना चाहिए। बता दें कि इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या का मुद्दा उठाया था।
भारत में चीन की तुलना में उन्हें एक-तिहाई वेतन (₹9,000) कर्मचारियों को देना पड़ता है, और राज्य सरकार भी अपने स्तर पर हर-सम्भव सहयोग कर रही है, लेकिन समस्याएँ फिर भी कम नहीं हैं।
पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट से गुज़र रहा है कि वहाँ सरकारी दफ्तरों में केवल एक ही समाचारपत्र रखने, नई गाड़ियों की खरीद पर रोक जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री आर्थिक हालत सुधारने की बजाय हिंदुस्तान को परमाणु हमले की धमकी दे रहे हैं।