डीएम से जूता साफ़ करवाने वाले 'बेशरम' आज़म ख़ान को अपना तब का बयान याद करना चाहिए जब एक डीएसपी ने मायावती की जूती साफ़ की थी। वैसे, शून्य लोकसभा सीटों वाली माया की जूती साफ़ करने में तो आजकल पूरी समाजवादी पार्टी ही लगी हुई है। शायद अल्लाह की अब यही मर्जी है।
समाजवादी पार्टी ने इस बार कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करने की बजाए बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन किया। 2014 में सपा और बसपा को केवल 5 और 0 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा ने देश में ऐतिहासिक जनादेश हासिल करने के साथ-साथ यूपी की 71 सीटें जीती थीं।
उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि उर्दू गेट को गिराने के पीछे शासन-प्रशासन की साजिश थी। उस गेट का नाम उर्दू गेट था इसलिए उसे गिराया गया।
शासन ने इसके लिए एसआईटी की जाँच बिठाई थी, जिसमे इसे अवैध पाया गया। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पहुँचे और 6 बुलडोजर का प्रयोग कर के गेट को 3 घंटे की मशक्कत के बाद ढाह दिया गया।
आज़म ख़ान ने मुलायम सिंह यादव के इस बयान पर कहा, "बहुत दुख हुआ यह सुनकर। यह बयान उनके मुँह में डाला गया है। यह बयान नेताजी का नहीं है, इसे नेताजी से दिलवाया गया है।"