यह स्टिरियोटाइप हर पोशाक की कतरनों के साथ क्यों नहीं ब्रेक किए जाते? हिंदुओं के पहनावे पर ही ऐसा प्रहार क्यों? क्यों नन की ड्रेस में मॉडल आदर्श होती है? क्यों बुर्के को स्टिरियोटाइप का हिस्सा नहीं माना जाता? क्यों केवल रूढ़िवाद की परिभाषा साड़ी और घूँघट तक सीमित हो जाती है?
"अपने इंस्टाग्राम पर हिंन्दू भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए और हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने के लिए, सोफिया हयात के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है। मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार ऐसे लोगों और एकाउंट्स के खिलाफ सख्त एक्शन लेगी।"
कॉलेज-ट्यूशन से लेकर शादी-ब्याह तक के बीच एक लड़की के मन में ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर चुनाव चलता ही रहता है कि आखिर वो किस तरह समाज के बनाए पैमानों पर निखर पाएगी और कैसे अन्य लड़कियों की तरह खुद को सुंदर बना पाएगी... और कंपनियाँ इसी का फायदा उठाती हैं।