KGMU कैंपस के अंदर मजारों को लेकर कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मजार कमेटियों से जवाब माँगा है। इसे हटाने का निर्देश दिया गया था। इसकी डेडलाइन खत्म हो गई है।
योगी सरकार का बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों के कल्याण के लिए कार्य करना महज राजनीतिक काम नहीं बल्कि हजारों परिवारों की जमीन और पहचान से जुड़ा एक ऐतिहासिक और कानूनी प्रयास दिखाता है।