पत्र में लिखा है कि पीड़िता की मुख्य आरोपित संदीप से दोस्त थी। यह दोस्ती उसके घरवालों को पसंद नहीं थी और इसी नफरत में परिवार के लोगों ने ही उसे मार दिया।
योगी वो राजनेता बने हुए हैं, जिनसे मीडिया नफरत करना पसंद करती है। पहले लाल कृष्ण आडवाणी, फिर नरेंद्र मोदी और अब मीडिया ने योगी आदित्यनाथ को अपना पसंदीदा लक्ष्य बना लिया है।
अतीकुर्रहमान, आलम, सिद्दीक कप्पन और मसूद अहमद के पास गिरफ्तारी के दौरान 6 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप व 'जस्टिस फॉर हाथरस' नाम के पैम्फ़्लिट पाए गए थे और ये लोग शांति भंग करने के लिए हाथरस जा रहे थे।
ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया है कि पीड़िता और मुख्य आरोपित फोन पर लगातार संपर्क में थे। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के परिवार ने उनके कथित संबंध पर आपत्ति जताई थी।
अपने हाथ में माइक लेकर और कैमरे की ओर देखते हुए चित्रा ने अधिकारी पर बदसलूकी का इल्जाम लगाया था और पूछा था कि उनकी हिम्मत कैसे हुई पत्रकार को उनका काम सिखाने की।