15 साल की बच्ची हाफिजगंज के ग्राम कमुआ में हाईस्कूल की छात्रा है। जब वह स्कूल जा रही थी तो गाँव के तीन युवकों की नजर उस पर पड़ी... दो को ग्रामीणों ने दबोचा, एक फरार। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण गॉंव में पसरा तनाव।
“मैं दुबई में 6 हज़ार दिरम पर नौकरी करता हूँ, तुम्हारी क्वॉलिफ़िकेशन के लिहाज़ से 10 हज़ार दिरम यानी भारतीय करंसी के अनुसार क़रीब दो लाख रुपया महीना मिल जाएगा। यहाँ आ जाओ।” - पाकिस्तानी नदीम इक़बाल ने ऐसे अपने जाल में फँसाया था मेरठ की हिंदू लड़की को।
यह पहला झूठ नहीं था, जिसे हरिशंकर ने अपने बेटे को बचाने के लिए बोला। इससे पहले वो बताया था कि उसका बेटा घटना वाले दिन लखनऊ में परीक्षा देने गया था। लेकिन एडमिट कार्ड या कोई दूसरा सबूत पेश नहीं कर पाया। फिर उसने हाईकोर्ट में अस्पताल की पर्ची जमा करवा दी। लेकिन अब यह भी फर्जी!
नईम खान स्कूल आने जाने वाली छात्राओं पर फब्तियॉं कसता था। उन्हें देख अश्लील गाने गाता था। इसकी सूचना मिलने पर एंटी रोमियो टीम की चंचल चौरसिया ने पहले मनचले युवक को समझाया। नहीं माना तो थप्पड़ जड़े। इसके बाद पैरों से जूता निकाला और जमकर पीटा।
"उत्तर प्रदेश में 42389 पोस्को और 25749 बलात्कार के मामले अभी लंबित पड़े हुए हैं। इसके कारण राज्य सरकार ने ये बड़ा निर्णय लिया है। नए फ़ास्ट ट्रैक अदालतों के लिए जजों की भर्ती जल्द ही शुरू की जाएगी। हर कोर्ट का खर्च 75 लाख रुपए आएगा।"
माँगों को माने जाने के बाद परिवार पीड़िता का अंतिम संस्कार करने पर राज़ी हो गया। परिवार के पास पहले से जो मकान है, उसे पक्का किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक और घर दिया जाएगा। पीड़िता की बहन को सुरक्षा देने के आलावा घर पर भी 24 घंटे सुरक्षा दी जाएगी।
आरिफ, शाहनवाज, शरीफ और आबिद - ये 4 लोग वो हैं, जो पहले 30 साल की महिला से रेप करते हैं। पीड़ित महिला जब पुलिस-कोर्ट में मामला दर्ज करती है तो फिर उसी महिला के घर में घुसकर उनके ऊपर एसिड फेंकते हैं।
यूपी में कॉन्ग्रेसी भी योगी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर निकल गए। लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर कॉन्ग्रेस के झंडे लेकर पहुँचे कार्यकर्ताओं ने तब भागना शुरू कर दिया, जब यूपी पुलिस ने लाठियों से उन्हें जम कर पीटा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो गया।