सिस्टर लिसी ने कहा, “मैं बयान दे रही हूँ क्योंकि मैं सच्चाई जानती हूँ। शिकायतकर्ता नन के साथ 2011 से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। नन को न्याय मिलना चाहिए, मैं उसके साथ हूँ। मैं प्रार्थना करती हूँ कि उसे न्याय मिले।”
पूरे थाने को ही पता नहीं था कि जिस व्यक्ति की इसी थाने में हत्या के प्रयास में तलाश है, वह सामने ही खड़ा है। जब मीडिया ने पूछा था तो इसी पुलिस ने कहा था कि वह हमलावरों की तलाश में हैं।
13 दिसंबर 2018 को इन मछुआरों ने तिरुवनंतपुरम का तट छोड़ा था। यमन के एक एंप्लॉयर ने नौकरी का झाँसा देकर उन्हें क़ैद कर लिया। उन्हें नाव में कैद कर रखा गया था।
उमर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पास की बिल्डिंग में लगे कैमरे भी तोड़ दिए थे, लेकिन पुलिस ने कुछ अन्य फुटेज की मदद से उसे पहचान लिया और उसकी गिरफ्तारी हुई। अब आगे की पूछताछ जारी है।
वीडियो में महिला को आरोपित से पूछताछ करते हुए देखा गया जो इस घटना में अपनी ओछी हरक़तों से इनकार कर रहा था। बाद में उसने 'सॉरी' कहा और अनुरोध किया कि महिला उसे पुलिस स्टेशन न ले जाए।
जिहादी बेक्सन की माँ ग्रेसी का कहना है कि उन्हें बेटे बेक्सन और बहू निमिषा के इस्लामी बने रहने से कोई दिक्कत नहीं है, बशर्ते वे शांतिपूर्वक उनके सामने रहें।
थॉमस ने अपनी शिकायत में कहा है कि वायनाड और संसद से राहुल गाँधी की अनुपस्थिति ध्यान खींचती है। राहुल के लोकसभा क्षेत्र का नागरिक एवं वोटर होने के कारण वे सोशल मीडिया में उनके गायब होने की ख़बरों से चिंतित हैं।
“चाहे मुझे सुरक्षा मिले या न मिले, हम आज मंदिर जाएँगे।” कोच्चि पहुँचने पर तृप्ति देसाई ने यही कहा था, लेकिन उनका मंसूबा अय्यप्पा भक्तों ने पूरा नहीं होने दिया। अब तृप्ति का कहना है कि पुलिस उन्हें सुरक्षा नहीं दे रही है इसलिए...
वामपंथी मंत्री ने एक्टिविस्ट बिंदु अम्मिणी पर हुए हमले को नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि ये सब पूर्व-नियोजित ड्रामा था। बता दें कि बिंदु सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने के लिए जा रही थीं, तभी किसी व्यक्ति ने उनपर मिर्ची स्प्रे से हमला कर दिया था।
“एर्नाकुलम शहर के पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर एक आदमी ने मेरे चेहरे पर मिर्च पाउडर छिड़क दी। पुलिस बहुत गैर जिम्मेदार है और उन्होंने उस बदमाश को गिरफ्तार करने की कोशिश नहीं की, जिसने उन पर हमला किया।”