हैरानी की बात देखिए, दिल्ली की सबसे हालिया समस्या प्रदूषण पर कोई राजनैतिक पार्टी बात नहीं करती। क्योंकि अब राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता हथियाने का पैमाना केवल 'फ्री-फ्री' की राजनीति पर आ टिका है।
हेमंत सोरेन ने नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र में अपनी कुल संपत्ति 8 करोड़ 11 लाख 14 हजार 388 रुपए बताई है। हेमंत ने 2014 के विधानसभा चुनाव में अपनी कुल संपत्ति 3 करोड़ 50 लाख 76 हजार 527 रुपए बताई थी। जबकि 2009 में इनकी कुल संपत्ति मात्र...
श्रीलंका में मुस्लिम संगठनों के आरोपों के बीच बौद्ध राष्ट्र्वादी गोटाभाया की जीत अहम है। इससे पता चलता है कि द्वीपीय देश अभी ईस्टर बम ब्लास्ट को भूला नहीं है और राइट विंग की तरफ़ उनका झुकाव पहले से काफ़ी ज्यादा बढ़ा है।
धनबाद जिले में विधानसभा की 6 सीटें हैं। इन सीटों के लिए अब तक कुल 40 लोग दावेदारी पेश कर चुके हैं। इसके लिए ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने सभी से पाँच-पाँच हजार रुपए लिए। कुल मिलाकर उन्होंने 2 लाख रुपए की वसूली की।
झाविमो सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कॉन्ग्रेस महागठबंधन में झाविमो को बनाए रखने के पक्ष में है। राजद 14 सीटों की मॉंग कर रहा है, जबकि झामुमो उसे चार-पॉंच से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है।
शिव सेना ने भी भाजपा की तर्ज पर अपने विधायक दल के नेता का चुनाव कर लिया है। एक बड़ा उलटफेर करते हुए इस पद पर एकनाथ शिंदे का चुनाव हुआ है, जबकि अधिकांश कयास यह पद आदित्य ठाकरे को मिलने के लग रहे थे।
संजय राउत ने कल दिए बयानों से गुलाटी मारते हुए आज फिर से दावा किया है कि उनकी पार्टी के रुख में न ही कोई नरमी आई है, न ही उनकी पार्टी कभी अपने वादे से पीछे हटी थी।
भाजपा केवल शिवसेना के भरोसे बैठे नहीं रहना चाहती। बताया जा रहा है कि 15 निर्दलीय और कई छोटी पार्टियॉं उसके साथ आने को तैयार हैं। निर्दलीयों में ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी से ही बगावत की थी।