कोरोना से निपटने पर हाई लेवल मीटिंग हो और उसमें स्वास्थ्य मंत्री को ही नहीं बुलाया जाए, तो इसके क्या मायने हो सकते हैं। कुछ ऐसा ही छत्तीसगढ़ में हुआ है। सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के बिना ही कोरोना से निपटने पर चर्चा कर ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हुँगा कवासी की हत्या की घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के लिए पुलिस दल रवाना किया गया और घटना के लिए जिम्मेदार नक्सलियों की खोज शुरू की गई। कवासी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश पांडेय ने पहले पुलिस कर्मी को धक्का मारकर गिरा दिया। फिर उसके साथियों ने पुलिस कर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी। वायरल वीडियो में कार्यकर्ता, सुरक्षा की दृष्टि से तैनात पुलिस कर्मियों को एक के बाद एक लात घूँसों से पीटते देखे गए।
कल्पना के साथ पूर्व एमएलए लिव इन रिलेशन में थे। कल्पना उन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। शादी के बहाने उसे साईं मंदिर बुलाया और रॉड से उसके तथा उसकी बेटी के सिर पर वार किया। फिर दोनों के चेहरे को गाड़ी से कुचल दिया।
महिला आईपीएस ने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए, कोई नुकसान न पहुँचाने और शांति पूर्ण प्रदर्शन करने की हिदायत दी। इसके बाद ही कॉन्ग्रेस की महिला विधायक शकुंतला साहू वहाँ पहुँची, और आईपीएस अधिकारी को, "ठीक से रहो वर्ना औकात दिखा दूँगी" की धमकी दी।
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने मीसा पेंशन को यह कहते हुए बंद कर दिया कि ये स्वतंत्रता सेनानी हैं, तो फिर पेंशन क्यों दिया जाए, जिसे लेकर बीजेपी ने राज्य सरकार के फैसले के ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीएए के समर्थन में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे 19 के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर दी, हालाँकि, पुलिस ने सभी को मुचलके पर छोड़ दिया।
बांग्लादेश की आशा अख्तर भिलाई में नाम बदलकर रह रही थी। उसने 5 अक्टूबर 2017 को हेमेंद्र पराडकर से रायपुर के आर्य समाज मंदिर में शादी की थी और फिर इसी आधार पर उसने भारतीय पहचानपत्र वाले दस्तावेज बनवा लिए थे।
"एनसीआर हो या एनपीआर, दोनों गरीबों पर टैक्स हैं। नोटबंदी गरीबों पर टैक्स था। यह पूरी तरह गरीबों पर आक्रमण है। लोगों को नोटबंदी की तरह ही लाइन पर लगाया जाएगा। देश का समय बर्बाद किया जा रहा है।"