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नक्सलियों ने की अपने पूर्व साथी की हत्या, आत्मसमर्पण के बाद पुलिस की करता था गुप्त सैनिक बनकर मदद

मंगलवार रात कवासी पालेम गाँव में स्थानीय मेला में शामिल होने गया था। इस दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने उसे घेर लिया और उसे अपने साथ नजदीकी जंगल में ले गए। बुधवार सुबह जब उसका शव मिलने पर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक खूनी वारदात को अंजाम दिया है। दरअसल, सुकमा में नक्सलियों ने अपने एक पुराने साथी की हत्या कर दी है। जिले के तोंगपाल इलाके में माओवादियों ने एक गोपनीय सैनिक को मौत के घाट उतार दिया है। घटना की पुष्टि एसपी शलभ सिन्हा ने की है।

सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि जिले के कुकानार थाना क्षेत्र में पालेम गाँव के करीब नक्सलियों ने हुँगा कावासी की धारदार हथियार से हत्या कर दी है। जानकारी के मुताबिक, इस घटना में मृत गोपनीय सैनिक कवासी हुँगा जैमर गाँव का निवासी बताया जा रहा है। उसने हाल ही में नक्सलवाद का दामन छोड़कर आत्मसमर्पण किया था और पुलिस के लिए गोपनीय सैनिक के रूप में कार्य कर रहा था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार (मार्च 04, 2020) रात कवासी पालेम गाँव में स्थानीय मेला में शामिल होने गया था। इस दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने उसे घेर लिया और उसे अपने साथ नजदीकी जंगल में ले गए। बुधवार सुबह जब उसका शव मिलने पर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

आत्मसमर्पण कर चुके साथियों को ढूँढकर मार रहे हैं नक्सली

गौरतलब है कि गत शुक्रवार व शनिवार (फरवरी 28-29, 2020) की रात नक्सलियों ने चिंतलनार थाना क्षेत्र के मुकरम और तोंगपाल थाना क्षेत्र के कोलोमकोंटा में अपने ही दो पूर्व साथी मुचाकी हड़मा और माड़वी हुर्रा की हत्या कर दी थी।

एक अन्य घटना में सुकमा जिले के पोलमपल्ली के अतुलपारा में सोमवार-मंगलवार की रात आत्मसमर्पित नक्सली पोड़ियामी मंगड़ू की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह मंगड़ू का शव घर से कुछ ही दूरी पर पुलिस ने बरामद किया। मंगड़ू की हत्या नक्सलियों ने की या फिर आपसी रंजिश में हुई पुलिस इस बात की पड़ताल में जुट गई है। एसपी शलभ सिन्हा ने नक्सली हत्या की बात से इंकार करते हुए मामले की पड़ताल जारी होने की बात कही।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हुँगा कवासी की हत्या की घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के लिए पुलिस दल रवाना किया गया और घटना के लिए जिम्मेदार नक्सलियों की खोज शुरू की गई। कवासी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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