रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण सरकारी धन से कराना चाहते थे लेकिन पटेल ने इसका कड़ा विरोध किया था।
एक तरफ इंदिरा-नेहरू का दौर, जहाँ इनकम टैक्स रेट पहुँचा था 97.5% और आम जनता की कमाई कॉन्ग्रेस खाती थी। वहीं, पीएम मोदी के दौर में आम जनता अपनी मेहनत की कमाई को अपने पास रख सकती हैं।
पहले रवीश कुमार ने विवाद कर आरोप लगाया कि मोदी सरकार इंश्योरेंस पर 18% GST ले रही है। अब जब GST जीरो हो गया है। फिर भी रवीश कुमार 8 साल का हवाला देकर रोना रो रहे है।
नेहरू-मोदी के कार्यकाल में किस प्रकार भारत की नीति में पाकिस्तान के प्रति बदलाव आया। 'भाईचारे' से लेकर 'प्रतिशोध' तक का दौर कैसे बदला। आतंकवाद को लेकर किस प्रकार उठाए सख्त कदम।
सिंधु जल संधि के विरोध में विपक्षी विभिन्न दलों के विभिन्न सांसदों समेत कई कॉन्ग्रेसी सांसद भी थे और उनका मानना था कि भारत ने पाकिस्तान को बहुत रियायत दे दी है।