जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?
ऑपइंडिया के पास मौजूद SIT रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि यह ग्रूमिंग जिहाद के कुछ बेहद चर्चित मामले थे, जिनमें हिन्दू युवतियों को धोखा देकर उनके धर्मांतरण का प्रयास या उनका उत्पीड़न किया गया।
लीगल राइट ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, ईसाई संगठन ने यूनाइटेड किंगडम में एक शेल कंपनी बनाई थी, जिसने FCRA के माध्यम से 2.6 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की थी।
शादी नहीं करने की बात पर उसने अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी तक दी थी। पीड़िता ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगभग 20 दिन पहले गाँव आकर अपने परिजनों को दी थी।