मुंबई में हमलों के तुरंत बाद शरद पवार दूरदर्शन स्टूडियो पहुँचे और घोषणा की कि कुल 13 विस्फोट हुए। उन्होंने जिस विस्फोट का अविष्कार किया उसके बारे में उन्होंने बताया कि वो एक मस्जिद में हुआ था। श्रीकृष्ण आयोग के सामने गवाही देते हुए, पवार ने LTTE पर बम विस्फोट का आरोप मढ़ने कोशिश की।
"बेहद प्यारा! निहाल को मेरा आशीर्वाद। वह भविष्य में जो भी करे, उसके लिए शुभकामनाएँ। मुझे पूरा विश्वास है कि उसे आपके रूप में एक अच्छा गुरु और गाइड मिलेगा।"
"ये वीर सावरकर के ही संस्कार हैं कि राष्ट्रवाद को हमने राष्ट्र निर्माण के मूल में रखा है। वीर सावरकर को आए दिन गालियाँ देने वाले, उनका अपमान करने वाले, वही लोग हैं जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर का कदम-कदम पर अपमान किया। उनको दशकों तक भारत रत्न से वंचित रखा।"
पीएम मोदी ने हरियाणा की जनता को लोकसभा चुनाव में दसों सीटों पर जीत दिलाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने करतारपुर प्रोजेक्ट के लगभग पूरे होने पर भी अपनी खुशी व्यक्ति की और कहा कि वे भाग्यशाली हैं जो उन्हें 70 साल पहले के मुद्दे को सुलझाने का मौक़ा मिला।
दलाई लामा ने कहा कि 1974 में हमने तय किया था कि चीन से आज़ादी की माँग नहीं करेंगे। तिब्बती सिर्फ़ अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए कुछ अधिकारों की माँग कर रहे हैं। हम नालंदा दर्शन का अनुसरण कर रहे हैं।
पीएमएसएसएस के तहत स्नातक में दाखिला लेने वाले बच्चों में से 2,400 जम्मू और 1,474 कश्मीर से हैं। शेष लद्दाख से हैं। इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के सबसे अधिक बच्चों ने महाराष्ट्र में दाखिला लिया है। इसके बाद दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश का नंबर है।
पीएम की भतीजी होने के कारण पुलिस पर झपटमारों को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव बना हुआ था। जिसके चलते पुलिस अपनी ओर से हर मुमकिन कोशिश कर रही थी। पूरे मामले पर आला अधिकारियों की नजर थी और जिला पुलिस, स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच की 20 से ज्यादा टीमें इन्हें दबोचने के लिए प्रयासरत थी।
इतनी दुर्भावना ले कर ज़िंदा ही क्यों हैं ऐसे लोग? इतनी घृणा ले कर हर दिन कैसे बिता रहे हैं लोग? क्या ये आश्चर्य की बात नहीं है कि आपको समुद्र तट साफ भी चाहिए, और कोई इसे एक जन-अभियान बनाना चाहता है तो आपको दर्द होने लगता है?
रूबी गज़नी ने बताया कि हम सब मुस्लिम महिलाएँ अपना पैसा इकट्ठा करके नरेंद्र मोदी जी का मंदिर बनवा रही हैं। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि मुस्लिम महिलाएँ मोदी जी के साथ हैं। उन्होंने अच्छे-अच्छे काम किए हैं।
मुस्लिम समुदाय ने आस्था के इस पर्व पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम देकर न सिर्फ़ हिन्दुओं की आस्था को तार-तार किया बल्कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों में कई तरह के व्यवधान भी डाले। कहीं ईंट-पत्थर, तलवार और हथियार से हमले किए गए। कितनी ही मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इतना ही नहीं, विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए।