जाकिर का मामला इंटरपोल में जाने से उसकी परेशानियाँ और बढ़ सकती हैं। दरअसल, मलेशिया इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिसने भारत के साथ साल 2010 में प्रत्यर्पण संधि में हस्ताक्षर किए थे। कानूनी रूप से भगौड़ा घोषित होने के बाद ईडी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाईक के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
13000 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का आरोपित 48 वर्षीय भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी अभी साउथ-वेस्ट लंदन के वांड्सवर्थ जेल में बंद है। वहाँ उसकी हिरासत अवधि 27 जून तक बढ़ा दी गई है। उसे 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
'जाँच एजेंसियों ने मुझे 13 बार पूछताछ के लिए बुलाया। मैंने हर सवाल का जवाब दिया है, मुझे बेवजह परेशान किया जा रहा है।' रॉबर्ट के इस पोस्ट के बाद किसी को भी उनसे सहानुभूति हो जाएगी, कि बार-बार कौन से सवाल है जो 13 बार में पूछे नहीं गए। लेकिन हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों रॉबर्ट से ईडी को बार-बार सवाल पूछने के लिए जरूरत पड़ रही है।
एयरबस ने अगस्त और सितंबर 2012 के बीच तलवार के अंतर्गत चलने वाली कंपनियों के लिए 10.5 मिलियन डॉलर के दो ट्रांसफर किए और खास बात ये है कि ये ट्रांसफर उसी समय किए गए, जब यूपीए शासनकाल के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानों की खरीद के आदेश दिए थे।
कोलकाता के एक न्यूज़ चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन करते हुए पश्चिम बंगाल के सत्तारूढ़ दल तृणमूल कॉन्ग्रेस के कुछ नेताओं को रिश्वत लेते हुए कैमरे पर पकड़ा था। कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की भी आलोचना की थी।
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रॉबर्ट वाड्रा की जमानत रद्द करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गौरतलब है कि इस मामले में एक ट्रायल कोर्ट ने 1 अप्रैल को अग्रिम जमानत दी थी।
ख़बर के अनुसार, एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष श्री गुप्ता के ख़िलाफ़ पूरक आरोप पत्र दायर किया। उन्हें ED ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था।
करीब दस साल पहले फलों की दुकान लगाने वाले मोहम्मद इकबाल अब अरबों की संपत्ति के मालिक हैं। इनकी सहारनपुर में सैंकड़ों एकड़ में फैली ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी है।
“ये छापेमारी एजेंसी अपने इनपुट के आधार पर कर रही है। इसमें केंद्र सरकार का किसी तरह का हाथ नहीं है। सरकार को दोष देना गलत बात है। ऐसा कई वर्षों से हो रहा है, आज अचानक तो शुरू नहीं हुआ है। इसके पीछे की तरह की राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया गया है। देश में आचार संहिता लागू है। हम क्या करें?”
माल्या ने खुद को बचाने के लिए कई बार ऋण की मूल राशि का 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश की है। पर याचिका खारिज किए जाने के बाद माना जा रहा है कि उनका प्रत्यर्पण जल्दी ही हो सकता है।