थरूर ने नेहरू-इंदिरा की जो फोटो शेयर की वह न अमेरिका की थी और न 1954 की। फोटो मॉस्को की है जिसे 1955 में क्लिक किया गया था। नेहरू को महान और मोदी को नीचा दिखाने का थरूर का दाँव उलटा पड़ गया और उनसे लोगों के सवाल का जवाब देते नहीं बना।
जब से इसकी शुरुआत हुई थी, तभी से हिन्दू-विरोधी प्रोपेगंडा के सबसे मुखर स्वरों में इसकी गिनती होने लगी थी। जिस भी अपराध में आरोपित हिन्दू हो और पीड़ित गैर-हिन्दू, वह अपने-आप 'Hate Crime' हो जाता था लेकिन इसी के उलट वाले मामलों में लीपापोती करते थे।
वामपंथी विचारधारा (हम जो कह दें, वही सत्य है) वाले अविनाश दास ने एक फर्जी नोटिस को ट्विटर पर टाँग तो दिया लेकिन फैक्ट चेक के जमाने में बेचारे खुद टँग गए। 2-4 की-वर्ड अगर गूगल कर लेते तो शायद छीछालेदर से बच जाते। लेकिन ऐसा करते तो फिर वामपंथी कैसे कहलाते!
क्या रोमिला थापर जेएनयू जैसे बड़े संस्थानों के नियम-क़ायदों से ऊपर हैं? क्या वह किसी संस्था में उसके नियम-क़ानून का पालन किए बिना बने रहना चाहती हैं। आख़िर उनके के पास ऐसा क्या है कि जेएनयू उनके कहे अनुसार अपना काम करे?
क्या कोर्ट ने लियो टॉलस्टॉय की क्लासिक कृति 'वॉर एंड पीस' को लेकर आपत्ति जताई और अर्बन नक्सल के घर में यही पुस्तक मिली? सोशल मीडिया के ठेकेदार कह रहे हैं कि मोदी भी तो ये पुस्तक पढ़ते हैं। जानिए इस प्रोपगंडा के पीछे की सच्चाई।
"सऊदी के एक व्यक्ति ने एयरक्राफ्ट के मॉडल की जगह गलती से असली एयरक्राफ्ट्स ख़रीद ली। 329 मिलियन यूरो ख़र्च कर उसने ऐसा किया और बाद में कहा कि इतना मूल्य उचित है। अर्थात, उसने 2600 करोड़ से भी अधिक रुपए ख़र्च कर दिए।"
फुटबॉल खिलाड़ी रोनाल्डो, ऑस्कर विजेता लियोनार्डो और अंतरराष्ट्रीय गायिका मैडोना और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन सहित कई बड़ी हस्तियों ने अमेज़न के जंगल में लगी आग को लेकर पुरानी फोटो शेयर की। आँकड़े बताते हैं कि 2005 और 2010 में स्थिति कई गुना ज्यादा भयावह थी।
स्वाति चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री की छवि को खराब करने और उनका मजाक उड़ाने की नियत से इस तस्वीर को अपने ट्विटर हैंडल पर ‘offered without comments’ कैप्शन के साथ शेयर किया। मगर लोगों ने स्वाति की काली करतूत को रंगे हाथों पकड़ लिया।
पुलिस द्वारा मामले की सच्चाई का पर्दाफाश करने के बाद पता चल चुका है कि बच्चा जय श्री राम के नारे वाली बात झूठ बोल रहा है। वो अलग-अलग बयान दे रहा है। पुलिस के मुताबिक बच्चे को देखकर लग रहा है जैसे उसे किसी ने ये सारी बातें सिखाई हैं।
इस विडियो को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि यह महिला अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की बेटी हैं, जो खासतौर पर हैदराबाद में ओवैसी के अस्पताल का दौरा करने गई थी।