Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेकहस्तमैथुन रूम में करो, बाथरूम में नहीं: IIT रुड़की हॉस्टल के नोटिस की सच्चाई

हस्तमैथुन रूम में करो, बाथरूम में नहीं: IIT रुड़की हॉस्टल के नोटिस की सच्चाई

वामपंथी विचारधारा के नाम पर राजनीति चल नहीं रही, मोदी से नफरत के नाम पर भी फुस्स हो गए... अब फेक न्यूज और हस्तमैथुन के नाम पर दुकान चलाने को आतुर हैं ये शायद!

2017 में एक फिल्म आई थी – अनारकली ऑफ आरा। इस फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया था अविनाश दास ने। फिल्म लाइन में आने से पहले अविनाश दास एक पत्रकार हुआ करते थे। पत्रकारिता वाला कीड़ा शायद आज भी इनके अंदर कूट-कूट कर भरा हुआ है। तभी महाशय ने आज एक खबर शेयर की – IIT रुड़की में हस्तमैथुन संबंधी नोटिस के बारे में।

वामपंथी विचारधारा (हम जो कह दें, वही सत्य है) वाले अविनाश दास ने एक फर्जी नोटिस को ट्विटर पर टाँग तो दिया लेकिन फैक्ट चेक के जमाने में बेचारे खुद टँग गए। 2-4 की-वर्ड अगर गूगल कर लेते तो शायद छीछालेदर से बच जाते। लेकिन ऐसा करते तो फिर वामपंथी कैसे कहलाते! या फिर IIT रुड़की में कॉल कर लेते। आज कल तो साइट पर नंबर तक मौजूद रहते हैं, तुरंत पता चल जाता। क्योंकि वहीं के होस्टल ऐडमिन ने ऐसे किसी भी नोटिस लगाने की खबर को गलत बता दिया है।

मुंबई में रहने वाले अविनाश को कम से कम मराठी साइट ही पढ़ लेना था, सच्चाई का पता तो चल ही जाता

ऐसा नहीं है कि इस तरह का फैक्ट चेक करना रॉकेट साइंस वाला काम है। ऐसा भी नहीं है कि इस तरह के जल्दी से वायरल होने वाले फर्जी नोटिस पहली बार देखने को आए हैं। यह 2014 से ही घूम रहा है। पहले विदेश की यूनिवर्सिटी में यह नोटिस (फर्जी) लगाया गया। वहाँ भी लोगों ने इस पर खूब मजे लिए।

फिर यह 2016 में अपने देश आया – मणिपाल यूनिवर्सिटी के नाम पर। तब scoopwhoop ने इस पर आर्टिकल भी लिखा था और हेडलाइन में स्पष्ट किया था कि यह फेक नोटिस है। लेकिन पत्रकार अविनाश ने शायद अब खबरें पढ़ना बिल्कुल ही छोड़ दिया है, ऐसा मालूम होता है।

अब इसे IIT रुड़की के नाम पर फैलाया जा रहा है। और यह किया जा रहा है उसके द्वारा जिसका काम है दिन-रात मोदी सरकार को गरियाना। ऐसे में बेचारे के वॉट्सऐप बॉक्स में जैसे ही यह इमेज गिरी होगी, और इसके हस्तमैथुन शब्द पर इनकी नजर पड़ी होगी, इन्होंने उसे ट्विटर पर डाल दिया।

वामपंथी विचारधारा के नाम पर राजनीति चल नहीं रही, मोदी से नफरत के नाम पर भी फुस्स हो गए… अब फेक न्यूज और हस्तमैथुन के नाम पर दुकान चलाने को आतुर हैं ये शायद!

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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