योगी आदित्यनाथ ने साफ़ किया कि उनकी मुस्लिम-विरोधी मुख्यमंत्री की छवि गलत है। उन्होंने दावा किया कि वे समाज को बाँटकर नहीं देखते, और केरल की मुस्लिम लीग को "हरा वायरस" उन्होंने वहाँ की परिस्थिति-विशेष के हिसाब से बोला था।
योगी ने माना कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुकाबले पूर्वांचल में विकास बहुत कम हुआ है, लेकिन ज़ोर दिया कि अब सभी जिलों में बिना भेदभाव विकास कार्य ज़ोर पकड़ रहे हैं।
लोहिया ट्रस्ट के मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष और शिवपाल सिंह यादव सचिव हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई शीर्ष नेता ट्रस्ट के सदस्य हैं। यह बिल्डिंग शिवपाल यादव की पार्टी के कब्जे में थी और पिछले कुछ महीने से इसका बाजार दर पर किराया वसूला जा रहा था।
इस स्कीम का फायदा उठाने वालों में ‘आम’ मंत्रियों के अलावा नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह, मायावती, राजनाथ सिंह जैसे कद्दावर नेता भी शामिल रहे हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक केवल योगी सरकार ही मार्च, 2017 से अब तक अपने मंत्रियों का ₹86 लाख आयकर भर चुकी है।
"उम्भा का विवादित जमीन कॉन्ग्रेसी नेता के नाम पर था। जमींदारी खत्म होने के बाद इन्होंने कई सोसायटी बनाई और बड़े पैमाने पर जमीनों के ट्रांसफर किए। कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा अवैध तरीके से जब्त की गई जमीन को खाली करवाकर उन आदिवासियों, वन विभाग और ग्राम सभा को दे दी जाए, जिनकी ये जमीनें हैं।"
पिता राजेश कुमार ने बताया है कि वह सनातन धर्म को मानने वाले व्यक्ति हैं और उनकी बेटी को सलमान सुहेल ने धर्मपरिवर्तन करके मुस्लिम युवक से शादी करने के लिए अगवा कर लिया है। अब बच्ची भी किसी डर से उसी के पक्ष में बात कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि खेतों व सड़कों पर कोई भी निराश्रित गाय घूमती न मिले, इसका ख़ास ध्यान रखा जाए। उन्होंने पुलिस को गो-तस्करी के ख़िलाफ़ कड़ाई से क़दम उठाने का निर्देश देते हुए अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई करने को कहा।
राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दलीलें रखते हुए कहा था कि विवादित ढाँचा बाबर ने बनवाई, इसका कोई प्रमाण नहीं है। इसके लिए उन्होंने बाबरनामा, आईने अकबरी, हुमायूँनामा, तुजुक-ए-जहाँगीरी का हवाला दिया था।
"मैनेजर के पद के लिए बिना एमबीए डिग्री वाले उम्मीदवारों को चयन किया गया। इसी तरह श्रेणी-3 व श्रेणी-4 की नौकरियों में योग्यता स्तर को कम किया गया। 12वीं की बजाय 10वीं व 8वीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों को नौकरियाँ उपहार के तौर पर दी गईं।"