Homeराजनीतिगौ संरक्षण में अनियमितता बरतने में योगी सरकार ने DM समेत 5 बड़े अधिकारियों...

गौ संरक्षण में अनियमितता बरतने में योगी सरकार ने DM समेत 5 बड़े अधिकारियों को किया निलंबित

मुख्य सचिव आर के तिवारी ने बताया कि गौशाला प्रकरण की जाँच में पता चला कि गौशाला के अंदर ढाई हजार गोवंश होना चाहिए था, जबकि केवल 900 गोवंश वहाँ पाए गए। ये एक गंभीर अनियमितता है। उन्होंने बताया कि जाँच में ज़िला स्तरीय अधिकारियों के स्तर पर अनियमितता पाई गई है।

गौ संरक्षण और संवर्धन को लेकर बेहद संवेदनशील उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महराजगंज जिले में गौ संरक्षण में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जाँच के बाद योगी सरकार ने महराजगंज के डीएम और दो एसडीएम समेत 5 बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गोवंश को लेकर होने वाले खर्चों का सही जवाब न दे पाने पर यह कार्रवाई की गई है। पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव आर के तिवारी ने इसकी जानकारी दी है।

मुख्य सचिव आर के तिवारी ने बताया कि गौशाला प्रकरण की जाँच में पता चला कि गौशाला के अंदर ढाई हजार गोवंश होना चाहिए था, जबकि केवल 954 गोवंश वहाँ पाए गए। ये एक गंभीर अनियमितता है। उन्होंने बताया कि जाँच में ज़िला स्तरीय अधिकारियों की अनियमितता पाई गई है। गोवंश की संख्या को लेकर ज़िले के अधिकारी सही जवाब नहीं दे सके। गोवंश को लेकर होने वाले ख़र्चों का सही जवाब अधिकारी नहीं दे पाए, ये एक बड़ी वित्तीय अनियमितता है। इससे यह लगता है कि संख्या जानबूझकर अधिक बताई गई। संख्या कम होने के बावजूद यहाँ पर चारा या अन्य व्यय में कोई कमी नहीं थी।

ख़बर के अनुसार, यहाँ पर अभिलेख भी सही नहीं पाया गया। पशुपालन विभाग का यहाँ 500 एकड़ ज़मीन पर कब्जा था जबकि समिति ने ग़ैर क़ानूनी ढंग से 380 एकड़ ज़मीन निजी व्यक्ति को लीज़ पर दे दी। इसकी ना किसी से अनुमति ली गई ना ही कोई विधिक प्रक्रिया अपनाई गई। यह भी एक गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

मुख्य सचिव ने बताया कि इस मामले में ज़िलाधिकारी महराजगंज अमरनाथ उपाध्याय, तत्कालीन एसडीएम देवेंद्र कुमार, वर्तमान एसडीएम सत्यम मिश्र के अलावा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी राजीव उपाध्याय और पशु चिकित्सा अधिकारी वीके मौर्य तल्काल निलंबित किया गया है। गोवंश मामले में कार्रवाई के बाद महराजगंज जिले में नई तैनाती की गई है। उज्जवल कुमार को महराजगंज का ज़िलाधिकारी बनाया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

26 साल से जेल में बंद दारा सिंह होंगे रिहा: वकील का दावा, बताया- सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त तक जेल से छोड़ने का...

दारा सिंह के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को 15 अगस्त 2026 तक उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

‘मुस्लिम होने के कारण फँसा ताहिर हुसैन’ : दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद बचाव में उतर गया था पूरा वामपंथी गैंग, पूछ...

आईबी के अंकित शर्मा की हत्या कभी भी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के लिए चर्चा करने का विषय नहीं रही, उन्हें चिंता हमेशा ताहिर हुसैन की थी।
- विज्ञापन -