ककरहिया गाँव के बारे में बता दें कि इस गाँव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदर्श ग्राम योजना के तहत 23 अक्टूबर 2017 को गोद लिया गया था। इसके बाद गाँव में हुए विकास ने वहाँ के लोगों का जीवन बदल कर रख दिया।
मैं माननीय उच्चतम न्यायालय का ग़लत हवाला देने के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगता हूँ। साथ ही मैं माननीय उच्चतम न्यायालय को यह भी बताना चाहता हूँ कि ये बयान ग़ैर-इरादतन, अनजाने में असावधानी से दिया गया था। मैं आग्रह करता हूँ कि कृपया मेरी क्षमा प्रार्थना स्वीकार की जाए और मेरे ख़िलाफ़ चल रहे अवमानना मामले को बंद कर दिया जाए।"
सुप्रीम कोर्ट की पीठ के मुताबिक उन्होंने राहुल गाँधी अवमानना मामले और राफेल पर एक ही तारीख को सुनवाई करने का फैसला किया था तो फिर आखिर में दोनों मामलों से जुड़ी तिथियाँ अलग-अलग कैसे हो गईं?
पीएम मोदी ने राहुल गाँधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का नाम लिए बगैर कहा था, "आपके पिता को उनके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ 'मिस्टर क्लीन' बना दिया था, लेकिन उनका जीवनकाल 'भ्रष्टाचार नंबर-1' के रूप में समाप्त हो गया।"
लोगों में “भाजपा आएगी तो…” का भय फैलाने के आरोप के जवाब में उन्होंने आरोप दोहराए कि भाजपा आई तो संविधान पुनर्लिखित कर दिया जाएगा, प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं और संस्थाओं में ‘एक खास विचारधारा’ (संघ की विचारधारा) के लोगों को भरकर संस्थाएँ बर्बाद कर रहे हैं।
हास्य कलाकार ने कहा, "फिर भले ही हम उनका मजाक उड़ा रहे हों, उनके नाम पर कॉमेडी कर रहे हों, या जो भी हो, लेकिन सुन लो ‘आएँगे तो मोदी जी ही’।" साथ ही, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस चैनल से वो वीडियो पेश किया गया उस चैनल का नाम है ‘अब तक’ है जो कि भारतीय चैनल ‘आज तक’ का कॉपी है।
2011-12 में, फ्लैश फोर्ज ने यूके आधारित कंपनी ऑप्टिकल आर्मर का अधिग्रहण किया और McKnight कंपनी के निदेशक के रूप में ऑप्टिकल आर्मर से जुड़ गया। 2012-13 में, McKnight को ऑप्टिकल आर्मर कंपनी के 4% शेयर आवंटित किए गए थे।
आयोग के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी में दिए भाषण में किसी प्रकार से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया था और न ही नांदेड़ में उनकी टिप्पणियों में आयोग ने कुछ गलत पाया।
कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता इस फॉर्म को बाँटते वक्त लोगों को बकायदा ये भी बता रहे हैं कि किस सूची में कौन सी जानकारी भरनी है। इस फॉर्म में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों से महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे नाम, पिता का नाम, बैंक का नाम, बैंक खाता और आधार नंबर आदि भरवाया जा रहा है और इसके महत्त्व को बढ़ाने के लिए इस पर अँगूठे का निशान भी लिया जा रहा है।