मोदी सरकार देस के पहले राष्ट्रपति के सपने को पूरा करने जा रहे हैं। वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में सम्मान दिलाने की लालसा देश के बड़े-बड़े नेताओं की थी।
चंडीगढ़ को अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप की जगह केन्द्र शासित प्रदेश बनाने का केन्द्र का कोई इरादा नहीं है। शीतकालीन संसोधन प्रस्ताव को सरकार ने खारिज किया।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति और राज्यपाल द्वारा बिल की मंजूरी दिए जाने के लिए डेडलाइन दी थी जिस पर केंद्र सरकार ने 'संवैधानिक अराजकता' की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी है।
एबीसी न्यूज ने अवनी दास के फेक न्यूज पर सफाई देते हुए कहा कि 'नरेंद्र मोदी पर बने डॉक्यूमेंट्री, जिसे 5 जून को पब्लिश किया गया था, उसमें 'भारत के मूल संविधान में सेकुलर' होने का दावा गलत था।'
पाकिस्तान में संविधान को ताक पर रखकर बिना राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के ही कानून बना दिया गया है। वहाँ के राष्ट्रपति भी हैरान हैं। कर्मचारी उनकी बात नहीं सुन रहे।