Homeवीडियोताहिर हुसैन ने प्लान किया था हिंदू विरोधी दंगा: अजीत भारती की विस्तृत रिपोर्ट...

ताहिर हुसैन ने प्लान किया था हिंदू विरोधी दंगा: अजीत भारती की विस्तृत रिपोर्ट | Ajeet Bharti on Delhi Anti Hindu Riots

हुसैन ने इस दंगे में तकरीबन 1.30 करोड़ फूँक दिए। उसने न सिर्फ दंगे का नेतृत्व किया बल्कि पुलिस को भी बरगलाया। उसे पता था कि उस पर केस होने वाला है। इसके लिए उसने बकायदा प्लान बनाया था कि कब, कितनी बार और किसलिए पुलिस को फोन करना है। हुसैन ने प्लानिंग के तहत अपने लड़कों को बताया था कि कहाँ पर हिन्दुओं की कितनी दुकानें जलानी है और........

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगे के आरोपित ताहिर हुसैन को कोर्ट ने ये कहते हुए बेल देने से मना कर दिया कि उसकी इसमें अहम भूमिका रही है। ताहिर हुसैन ने इंसानों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। हुसैन ने खुद ही कबूला कि उसी ने मुस्लिम भीड़ को भड़काया था और चाँदबाग, खजूरी खास एवं अपने छत से हिंसा भड़काया था। इसके खिलाफ फिलहाल 16 धाराओं में केस दर्ज हैं।

हुसैन ने इस दंगे में तकरीबन 1.30 करोड़ फूँक दिए। उसने न सिर्फ दंगे का नेतृत्व किया बल्कि पुलिस को भी बरगलाया। उसे पता था कि उस पर केस होने वाला है। इसके लिए उसने बकायदा प्लान बनाया था कि कब, कितनी बार और किसलिए पुलिस को फोन करना है। हुसैन ने प्लानिंग के तहत अपने लड़कों को बताया था कि कहाँ पर हिन्दुओं की कितनी दुकानें जलानी है और इस दौरान वो खुद भी वहीं पर उपस्थित था।

पूरा वीडियो यहाँ क्लिक कर के देखें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -