Homeवीडियोइस्लामी आतंक पर हमें खुल कर बोलना चाहिए, फ्रांस की तरह | Ajeet Bharti...

इस्लामी आतंक पर हमें खुल कर बोलना चाहिए, फ्रांस की तरह | Ajeet Bharti on Islamic terror needs French treatment

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले दिनों खुल कर कहा कि इस्लाम एक ऐसा मजहब है, जिसके कारण विश्व भर में कई संकट उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने धर्मनिरपेक्षता पर भाषण देते हुए इस्लाम पर जो यह टिप्पणी की, उसकी सच्चाई...

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले दिनों खुल कर कहा कि इस्लाम एक ऐसा मजहब है, जिसके कारण विश्व भर में कई संकट उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने धर्मनिरपेक्षता पर भाषण देते हुए इस्लाम पर जो यह टिप्पणी की, उसकी सच्चाई जाहिर तौर पर आज दिखती सभी को है लेकिन लोग इसे कट्टरपंथ कहकर छिपा देते हैं।

ये बात और है कि वैश्विक आतंक से लेकर खून से सनी लगभग हर घटना इस्लाम के नारों, प्रतीकों, विचारों का परिणाम होती है। मगर, तब भी ‘सच्चे इस्लाम’ का हवाला दे देकर ये कहने की कोशिश की जाती है कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता और जो सेकुलर होता है, उसे ही इस ‘असली इस्लाम’ का ज्ञान होता है।

पूरा वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -