Homeवीडियोलव जिहाद पर रवीश की बकैती, अर्णब से सौतिया डाह: अजीत भारती का वीडियो...

लव जिहाद पर रवीश की बकैती, अर्णब से सौतिया डाह: अजीत भारती का वीडियो | Ravish equates Love Jihad to love marriage

रवीश कुमार ने लव जिहाद के मुद्दे पर काफी लिखा है। रवीश ने बकैती में यह बताने की कोशिश की कि लव जिहाद कुछ नहीं है, और सरकार अंतरधार्मिक प्रेम विवाह को बंद करने वाली है। अर्णब के बेल पर भी बकवास किया, कोरोना का नया मॉडल भी दिखाया।

रवीश कुमार ने लव जिहाद के मुद्दे पर काफी लिखा है। रवीश ने बकैती में यह बताने की कोशिश की कि लव जिहाद कुछ नहीं है, और सरकार अंतरधार्मिक प्रेम विवाह को बंद करने वाली है। अर्णब के बेल पर भी बकवास किया, कोरोना का नया मॉडल भी दिखाया। लव जिहाद के मुद्दे पर न सिर्फ रवीश कुमार ने बल्कि कई मीडिया संस्थानों और स्तंभकारों ने लगातार लिखना शुरू किया है, क्योंकि अभी मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की सरकार इस पर कानून लाने वाली है।

रवीश ने कहा कि भारतीय समाज प्रेम विरोधी है। हालाँकि, रवीश कुमार ने ये नहीं बताया कि उन्होंने यह बातें किस आधार पर कही। उन्होंने कहा कि ये सारे पैंतरे सरकार की विफलताओं को छुपाने के लिए है। रवीश कुमार हर विषय के ज्ञाता बन जाते हैं। वह खुद ही अपने फेसबुक वॉल पर लॉकडाउन के पक्ष में लिखते हैं कि यह पहले क्यों नहीं लगाया गया फिर लिखते हैं कि नोटबंदी, जीएसटी और लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -