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फ़्रांस में इस्लामी आतंक का विरोध, भारत में समर्थन | Ajeet Bharti speaks on France beheadings and Islamic terror

इसी तरह रुस में 16 साल का एक लड़का अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए चाकू मारने जा रहा था कि पुलिस ने उसे मार गिराया। बांग्लादेश में एक शख्स का पैर कुरान से टकरा गया। 4-5 लोग उसे मस्जिद ले गए, फिर घसीट कर बाहर लाया, मारा-पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया।

इस्लाम अपने क्रूरतम रूप में दिख रहा है। यूरोप को भी झेलना पड़ रहा है। हमने उसके क्रूर रूप को भारत में कई बार देखा है। चाहे साबरमती एक्सप्रेस में 59 हिंदुओं जलाने की बात हो या फिर हाल ही में दिल्ली दंगों के दौरान हिंदुओं को घेरकर मारने के लिए रची गई साजिश।

फ्रांस के नीस शहर में एक महीने के अंदर दो आतंकी हमले हुए। 3 लोगों की गर्दन काट दी गई थी। फिर फ्रांस के चर्च में बम रखने की बात सामने आई। शार्ली एब्दो के कार्टून के साथ ही सैमुअल पैटी नाम के शिक्षक के गला रेतने वाली खबर से भी हम सभी अवगत हैं।

इसी तरह रुस में 16 साल का एक लड़का अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए चाकू मारने जा रहा था कि पुलिस ने उसे मार गिराया। बांग्लादेश में एक शख्स का पैर कुरान से टकरा गया। 4-5 लोग उसे मस्जिद ले गए, फिर घसीट कर बाहर लाया, मारा-पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया।

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अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

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