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कर्नाटक विधानसभा से वीर सावरकर की तस्वीर हटा सकती है कॉन्ग्रेस: मंत्री प्रियांक खड़गे बोले – वो घृणा भड़काने वाले; नेहरू की तस्वीर लगाने के लिए स्पीकर कर रहे विचार

वीर सावरकर के अलावा स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, BR आंबेडकर, महात्मा गाँधी, बसवेश्वर और सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीरें भी लगाई गई थी।

कर्नाटक में वीर सावरकर को लेकर विवाद छिड़ गया है। वहाँ की विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर लगी है। अब कर्नाटक में IT एवं ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय सँभाल रहे प्रियांक खड़गे ने कहा है कि विधानसभा में सावरकर की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये उनकी सशक्त राय है। उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा को अगर समस्या है तो ये उनकी समस्या है। उन्होंने वीर सावरकर की विचारधारा को घृणा भड़काने वाला और विभाजन पैदा करने वाला करार दिया।

दिसंबर 2022 में जब इस तस्वीर का अनावरण हुआ था, उस समय राज्य में भाजपा की सरकार थी। हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेताओं ने तब भी इसकी आलोचना की थी। साथ ही इसे एकपक्षीय फैसला बताया है। ‘सुवर्ण विधानसभा’ के चैंबर में ये तस्वीर लगी हुई है। इसमें कई अन्य दिवंगत राष्ट्रीय हस्तियों की तस्वीरें लगी हुई हैं। अब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया कह रहे हैं कि स्पीकर UT खदेर इस संबंध में निर्णय लेंगे कि सावरकर की तस्वीर को विधानसभा से हटाना है या नहीं।

वीर सावरकर के अलावा स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, BR आंबेडकर, महात्मा गाँधी, बसवेश्वर और सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीरें भी लगाई गई थी। शीतकालीन सत्र के शुरू होने से ठीक पहले इन तस्वीरों का आवरण किया गया था। कर्नाटक के विधानसभा अध्यक्ष कह चुके हैं कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर विधानसभा में लगाने के लिए विचार-विमर्श चल रहा है। ऐसे में चर्चा चालू हो गई है कि वीर सावरकर की तस्वीर का क्या होगा।

इससे पहले प्रियांक खड़गे ने कहा था, “सावरकर का योगदान क्या है? कॉन्ग्रेस के दफ्तर में आयोजित एक प्रेस बैठक में मैंने डेढ़ घंटे इस पर बात की। भाजपा बताए कि सावरकर को ‘वीर’ वाला उपनाम कैसे मिला? किसने दिया? भाजपा बोले कि सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन नहीं मिलती थी। वो वीर नहीं थे, मैं चुनौती देता हूँ। ये मेरा स्टैंड है, सरकार का नहीं। मैं तो उनकी फोटो हटा देता।” इसी तरह कॉन्ग्रेस MLC बीके हरिप्रसाद ने भी कहा कि सावरकर का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान जीरो है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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