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खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की माँ गिरफ्तार, बिना अनुमति निकालने वाले थे मार्च: चाहते हैं असम से पंजाब की जेल में शिफ्ट हो ‘वारिस पंजाब दे’ का सरगना

खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी में उसने अमृतसर के निकट अजनाला में अपने साथियों के साथ मिलकर थाने पर हमला बोल दिया था। उसने साथियों के साथ मिलकर खूब उत्पात मचाया था।

पंजाब पुलिस ने रविवार (7 अप्रैल, 2024) को पंजाब के अमृतसर से खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की माँ बलविंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया। अमृतपाल के चाचा सुखचैन सिंह समेत 4 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया। यह सभी अमृतपाल के लिए एक मार्च का आयोजन करने बठिंडा जा रहे थे।

अमृतपाल के परिजन अन्य लोगों के साथ रविवार (8 अप्रैल, 2024) को बठिंडा में खालसा चेतना मार्च का आयोजन करने वाले थे। यह मार्च अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब की किसी जेल में लाए जाने की माँग को लेकर आयोजित किया जाना था। इस मार्च को बठिंडा के तलवंडी साबो में तख़्त दमदमा साहिब से शुरू होकर अमृतसर में तख़्त साहिब पर खत्म होना था। इस आयोजन में अमृतपाल के परिजनों के अलावा कई सिख संगठन भी शामिल थे।

बताया गया है कि सभी गिरफ्तार लोगों को चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह भी जानकारी सामने आई है कि बठिंडा प्रशासन ने इस मार्च को लेकर अनुमति नहीं दी थी। इसका आयोजन बिना अनुमति के किया जा रहा था। अनुमति कानून व्यवस्था को मद्देनजर रखते हुए नहीं दी गई थी।

पुलिस ने अमृतपाल की माँ बलविंदर कौर और बाकी गिरफ्तार हुए लोगों के विरुद्ध एक मुकदमा भी दर्ज किया है। गौरतलब है कि बलविंदर कौर ने 22 फरवरी, 2024 के बाद अमृतसर के अकाल तख़्त साहिब में ही भूख हड़ताल चालू की थी। यह भूख हड़ताल भी अमृतपाल को पंजाब लाए जाने को लेकर थी।

‘वारिस पंजाब दे’ के मुखिया खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी में उसने अमृतसर के निकट अजनाला में अपने साथियों के साथ मिलकर थाने पर हमला बोल दिया था। उसने साथियों के साथ मिलकर खूब उत्पात मचाया था। यह पूरा बवाल अमृतपाल के एक चेले की गिरफ्तारी को लेकर चालू हुआ था।

इसके बाद अमृतपाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। अमृतपाल कार्रवाई होते देख फरार हो गया था। वह लगभग एक महीने तक यहाँ वहाँ छुपता रहा था। उसे सुरक्षा एजेंसियों ने अप्रैल, 2023 में एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उससे असम के डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया था। उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) भी लगाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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