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‘जम्मू-कश्मीर की पार्टियों ने वोट के लिए आतंक को दिया बढ़ावा’: DGP ने घाटी के सिविल सोसाइटी में PAK के घुसपैठ की खोली पोल, कहा – जमात को छूने भी नहीं देते थे

DGP ने कहा,''स्थितयाँ यहाँ तक खराब हो गईं थी कि कश्मीर की सबसे मुख्य पार्टी ने अपने वोट बढ़ाने के लिए आतंक के नेटवर्क और इसके आकाओं को बढ़ाने का तक काम किया था। सरकार और सुरक्षाबलों के प्रयासों और जनता के समर्थन से ही पिछले 6-7 सालों में यह स्थिति बदल पाई।"

जम्मू कश्मीर के DGP रश्मि रंजन स्वेन (RR स्वेन) ने आतंक-राजनीति नेक्सस पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि जम्मू कश्मीर की एक राजनीतिक पार्टी ने यहाँ आतंक का नेटवर्क बढ़ाया और उनके आका तैयार किए ताकि उन्हें वोट मिल सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों पर कार्रवाई नहीं की गई जो लगातार आंतक के लिए पैसा और विचारधारा का समर्थन दे रहे थे।

RR स्वेन सोमवार (15 जुलाई, 2024) को IIM में अपना संबोधन दे रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा,”पूरा सच यह है कि पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के समाज के हर तबके में घुसपैठ बना ली थी। कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों ने इस दौरान दोहरा खेल खेला। इससे सुरक्षाबलों और आमजनता भी सकते में रही। आतंकियों के घरों पर जाना और उनसे सहानुभूति दिखाना सामान्य सी बात हो गई थी। नए आतंकियों को तो खत्म करने की छूट दी गई लेकिन जो इन आतंकियों की भर्ती में सहायता करते थे और इनके लिए पैसा लाते थे, उनकी कभी जाँच नहीं हुई।”

DGP स्वेन ने इसके बाद कश्मीर की पूर्व में हालत बताते हुए कह़ा, “जमात-ए-इस्लामी, जिसने इस आतंक को वैचारिक और मजहबी मान्यता दी, उसको छूने तक नहीं दिया गया। यह तब किया गया जब सबको यह बात पता थी कि जमात ना केवल सरकार के शान्ति प्रयासों को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि कश्मीर में होने वाले प्रदर्शनों को भी वित्तीय मदद दे रही है।”

DGP स्वेन ने बताया कि उन लोगों पर कार्रवाई करना एकदम अपराध जैसा बना दिया गया जो लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलते थे, तथ्यों को गलत रूप से पेश करके लगातार अपना नैरेटिव चलाते थे और देश के खिलाफ दुष्प्रचार करते थे। उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझ कर किया गया जाता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि SP रैंक के अधिकारियों को आतंकियों के साथ जेल में उन अपराधों के लिए ठूंस दिया गया जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। DGP स्वेन ने कहा कि 2013 में दो लड़कियों की पानी में डूबने से हुई मौत को आतंक के नैरेटिव को हाइजैक करने दिया गया जिससे घाटी बंधक बन गई।

इसके बाद उन्होंने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा,”स्थितयाँ यहाँ तक खराब हो गईं थी कि कश्मीर की सबसे मुख्य पार्टी ने अपने वोट बढ़ाने के लिए आतंक के नेटवर्क और इसके आकाओं को बढ़ाने का तक काम किया था। सरकार और सुरक्षाबलों के प्रयासों और जनता के समर्थन से ही पिछले 6-7 सालों में यह स्थिति बदल पाई।”

DGP स्वेन का यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब घाटी आतंक से शांति की तरफ बढ़ रही है और राज्य में जल्द ही दोबारा चुनाव करवाए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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