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राम मंदिर पर फैसले की आहट: PM ने मंत्रियों से कहा- अनावश्यक बयानबाजी से बचें, 34 संवेदनशील जिलों में रेड-अलर्ट

"अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। ऐसे में देश में सद्भाव और शांति बनाए रखने की हम सभी की जिम्मेदारी है। इस मुद्दे पर सभी को अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए और साथ ही इसे....."

अयोध्या मामले पर फैसला आने से ठीक कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को नसीहत दी है कि वे इस मामले पर अनावश्यक बयानबाजी करने से बचें और देश में सद्भाव बनाएँ रखें।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी ने बुधवार (नवंबर 6, 2019) को अपने मंत्रियों के साथ बैठक करने के दौरान उन्हें कहा है कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। ऐसे में देश में सद्भाव और शांति बनाए रखने की हम सभी की जिम्मेदारी है। इस मुद्दे पर सभी को अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए और साथ ही इसे हार-जीत के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

बता दें कि अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले केंद्र सरकार ने सभी सांसदों (NDA) और मंत्रियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने को कहा है। इसके साथ ही फैसले के कुछ दिनों बाद तक शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। जिसके मद्देनजर जैसे-जैसे फैसले की घड़ी नज़दीक आ रही हैं वैसे-वैसे कानून व्यवस्था कायम रखने वाली एजेंसियाँ पूरी तरह से मुस्तैद हो रही हैं।

अभी तक की जानकारी के मुताबिक पुलिस मुख्यालय ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील 34 जिलों के पुलिस प्रमुखों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। इन जिलों में मेरठ आगरा, अलीगढ़ रामपुर, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और आजमगढ़ आदि हैं।

इसके अलावा याद दिला दें कि अभी कुछ दिन पहले ऐसी ही अपील राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भी की गई थी। जिसमें संघ के शीर्ष नेताओं ने अपने प्रचारकों से अयोध्या मुद्दे पर फैसला अपने पक्ष में आने पर जश्न नहीं मनाने की अपील की थी।

इधर, केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के घर मुस्लिम धर्म गुरुओं और संघ नेताओं की बैठक के बाद भी फैसला लिया गया था कि अयोध्या में राम मंदिर को लेकर किसी भी तरह के मैसेज सर्कुलेट नहीं किए जाएँगे और फैसले के बाद सब एक दूसरे को हिम्मत देंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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