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सड़क पर उतरे हिंदू तो जागा मंडी प्रशासन, नगर निगम ने अवैध मस्जिद गिराने का दिया आदेश: PWD की जमीन पर कब्जा, बिना अनुमति बना ली 2 मंजिल

मंडी की इस मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश शुक्रवार को मंडी नगर निगम ने दिया है। इस मामले में कई बार सुनवाई हो चुकी है। मंडी नगर निगम ने कहा है कि मस्जिद की ऊपरी दो मंजिल गिरा दी जाएँ। नगर निगम के आयुक्त ने यह निर्णय दिया है। उन्होंने कब्जे की बात को सही माना है।

शिमला के संजौली में मस्जिद के अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रदर्शन के बाद अब हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग शहरों में अवैध रूप से बनाई गई मस्जिदों की जानकारी सामने आने लगी है। इसी कड़ी में मंडी में बनी अवैध मस्जिद के विरोध में भी हिन्दू समाज उतर आया है। हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार ने शिमला के बाद मंडी में भी हिन्दुओं के प्रदर्शन पर वाटर कैनन चलाए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना कोई अनुमति लिए ही मंडी के जेल रोड पर यह मस्जिद बना दी गई। इसके लिए अवैध रूप से लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन भी कब्जा कर ली गई। इसके अलावा इस मस्जिद में तेजी से दो अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण भी हो गया।

मंडी की इस मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश शुक्रवार (13 सितम्बर, 2024) को मंडी नगर निगम ने दिया है। इस मामले में कई बार सुनवाई हो चुकी है। मंडी नगर निगम ने कहा है कि मस्जिद की ऊपरी दो मंजिल गिरा दी जाएँ। नगर निगम के आयुक्त ने यह निर्णय दिया है। उन्होंने कब्जे की बात को सही माना है।

नगर निगम ने पाया है कि इस मस्जिद पर अतिरिक्त दो मंजिल बनाने के लिए कोई अनुमति नहीं थी। इसका नक्शा भी नहीं पास करवाया गया था। साथ ही यहाँ पर निर्माण के लिए PWD की मंजूरी भी नहीं ली गई थी। मस्जिद की चारदीवारी भी अवैध रूप से बनाई गई थी।

संजौली में बनाई गई अवैध मस्जिद के विवाद के उठने के बाद स्थानीय लोगों ने मंडी की इस मस्जिद का भी मुद्दा उठाया। इस मस्जिद के विरोध में शुक्रवार (13 सितम्बर, 2024) को स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन भी किया। उन्होंने रोकने के लिए सुक्खू सरकार ने पानी की बौछारें भी चलाई। पुलिस प्रशासन ने यहाँ धारा 163 लगा रखी थी।

पुलिस की कार्रवाई के कारण कुछ लोगों की तबियत बिगड़ने की भी सूचना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मस्जिद का एक हिस्सा अवैध बताया जा रहा है जबकि पूरी मस्जिद ही अवैध है। वह इस पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं नगर निगम ने इसी दौरान फैसला देते हुए मस्जिद सीज करने की बात कही है।

नगर निगम ने मस्जिद कमिटी को गिराने की कार्रवाई के विरुद्ध 30 दिन का समय अपनी आपत्ति दर्ज करवाने के लिए भी दिया है। नगर निगम का फैसला आने से पहले ही मंडी में मुस्लिम समुदाय ने मस्जिद का एक हिस्सा तोड़ दिया। यह कार्रवाई गुरुवार को हुई। मस्जिद की चारदीवारी समेत शौचालय भी तोड़ दिए गए।

मस्जिद कमिटी ने माना कि उन्होंने इसकी दीवार PWD की जमीन पर बनाई थी और इसीलिए अब इसे तोड़ रहे हैं। मस्जिद के आसपास भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। मंडी के डीसी ने लोगों से अपील की है कि वह शान्ति बनाएँ रखें।

गौरतलब है कि इससे पहले राजधानी शिमला के संजौली इलाके में अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद को लेकर हिन्दुओं का प्रदर्शन हुआ था। इस पर सुक्खू सरकार ने लाठियाँ भी बरसाईं थी। हालाँकि, यह मस्जिद तोड़ने का प्रस्ताव कमिटी ने स्वयं दे दिया था। उन्होंने माना था कि मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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