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करतारपुर कॉरिडोर: पाक आर्मी चीफ बाजवा ने इमरान का दूसरा वादा भी तोड़ा, अब पहले दिन से वसूलेगा 20 डॉलर

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान से बहुत ही विरोधाभासी खबरें आ रही हैं। कभी कहा जाता है कि पासपोर्ट चाहिए और कभी कहा जाता है कि नहीं चाहिए। उन्हें इस तरह का दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं है कि.....

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर लगातार अपना रुख बदलने वाले पाकिस्तान ने एक बार फिर से पलटी मारी है। पाकिस्तानी सेना ने अपने प्रधानमंत्री इमरान खान का दूसरा वादा भी रद्द कर दिया है। पाकिस्तानी सेना ने साफ कर दिया कि कल यानी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं से 20 डॉलर वसूला जाएगा।

बता दें कि इससे पहले इमरान खान ने ऐलान किया था कि करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन और गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर आने वाले श्रद्धालुओं से एंट्री फीस नहीं ली जाएगी, इसके बावजूद उन्हीं की सेना प्रमुख बाजवा ने पीएम की बात को खारिज कर दिया।

इससे पहले 7 नवंबर को पाकिस्तान ने पासपोर्ट जरूरी न होने की बात से भी पलटी खाई थी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर कहा था कि करतारपुर साहिब दर्शन के लिए आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी, लेकिन पाकिस्तानी सेना की तरफ से अपने ही पीएम की बात को खारिज कर दिया गया। पाकिस्तानी सेना ने कहा, “हम सुरक्षा कारणों से पासपोर्ट में छूट नहीं दे सकते हैं।” पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था, “हम अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते।”

इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने तीसरा ऐलान किया था कि करतारपुर साहिब दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन की जानकारी दस दिन पहले पाकिस्तान को देनी जरूरी नहीं होगी, लेकिन उन्हीं की सरकार के प्रवक्ता ने इमरान की बातों से विपरीत बयान दिया। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाह फैसल ने कहा कि 10 दिन पहले जानकारी देनी होगी। पाकिस्तान की नीयत से भारत अच्छी तरह से वाकिफ है। इसलिए उसने यहाँ से जाने वाले श्रद्धालुओं को पहले ही कह दिया था कि भारत सरकार भारतीय श्रद्धालुओं की लिस्ट पाकिस्तान को दस दिन पहले भेजा करेगी।

गुरूवार (नवंबर 7, 2019) को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान से बहुत ही विरोधाभासी खबरें आ रही हैं। कभी कहा जाता है कि पासपोर्ट चाहिए और कभी कहा जाता है कि नहीं चाहिए। उन्हें इस तरह का दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं है कि वह इस कॉरिडोर के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। जहाँ तक भारत का सवाल है तो हम समझौते के मुताबिक चल रहे हैं। समझौते में साफ है कि पहचान पत्र के तौर पर पासपोर्ट अनिवार्य होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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