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‘इस बर्बर घटना से हम व्यथित, खुलेआम घूम रहे अपराधी’: भारत ने हिंदू नेता की हत्या पर बांग्लादेश को फटकारा, कहा – ये चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा

हम इस बर्बर घटना की कड़ी निंदा करते हैं और एक बार फिर अंतरिम सरकार को याद दिलाते हैं कि वह हर अल्पसंख्यक, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुँह न मोड़े और बहानेबाज़ी या भेदभाव करना बंद करे।"

बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के बसुदेवपुर गाँव में गुरुवार (17 अप्रैल 2025) को हिंदू समुदाय के नेता भावेश चंद्र रॉय की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि 58 साल के भाबेश का अपहरण कुछ बाइक सवारों ने उनके घर से किया था। उसके बाद उनका शव बरामद हुआ।

इस पूरे मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने युनुस सरकार को जमकर लताड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक नेता भाबेश चंद्र रॉय के अपहरण और नृशंस हत्या की खबर ने हमें बेहद व्यथित किया है। यह घटना एक बड़े और चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा है, जहाँ अंतरिम सरकार (मोहम्मद यूनुस) के शासनकाल में हिंदू अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, और पहले की ऐसी घटनाओं के अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। हम इस बर्बर घटना की कड़ी निंदा करते हैं और एक बार फिर अंतरिम सरकार को याद दिलाते हैं कि वह हर अल्पसंख्यक, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुँह न मोड़े और बहानेबाज़ी या भेदभाव करना बंद करे।”

बांग्लादेश की ओर से पश्चिम बंगाल में हुई चुनावी हिंसा पर टिप्पणी की गई थी। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने इसके जवाब में कहा कि ढाका सदाचार का पाठ पढ़ाने की बजाए अपने देश के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

हत्या से पहले के 30 मिनट

भावेश चंद्र रॉय ‘बांग्लादेश पूजा उडजापान (उपासना) परिषद’ की बिराल इकाई के उपाध्यक्ष और क्षेत्र में हिंदू समुदाय के नेता थे। भावेश की पत्नी शांतना का कहना है कि किडनैपिंग से पहले एक कॉल आई थी।

इसके 30 मिनट बाद चार लोग मोटरसाइकल पर आए और भाबेश को अगवा कर लिया गया। वह लोग उनको नाराबारी गाँव ले गए, जहाँ उनके साथ बेरहमी से मारपीट हुई। जब उन्हें वापस भेजा गया तो वह अचेत अवस्था में थे। अस्पताल तक पहुँचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इस घटना पर बिरला पुलिस थाने के प्रभारी अब्दुस सबूर ने बताया कि केस दर्ज करने की तैयारी अभी चल रही है। संदिग्धों का कुछ पता नहीं चल पाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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