Homeदेश-समाजराजस्थान मे 1000+ बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े, डिटेंशन सेंटर में किया बंद: 140+ को किया...

राजस्थान मे 1000+ बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े, डिटेंशन सेंटर में किया बंद: 140+ को किया डिपोर्ट, एक्शन में भजनलाल सरकार

राजस्थान पुलिस ने 148 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ कर जोधपुर में वायुसेना के एयरबेस पर छोड़ा है। यहाँ से उन्हें एक विशेष विमान के जरिए पश्चिम बंगाल भेजा गया है। यहाँ BSF से सहयोग करके उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों पर तगड़ा एक्शन लिया है। राजस्थान के भीतर सरकार ने 1000 से अधिक बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। इन्हें वापस भेजने की कार्रवाई भी चालू हो गई है। इनका पहला जत्था भरके बांग्लादेश रवाना कर दिया गया है।

यह कार्रवाई भजनलाल सरकार ने बुधवार (14 मई, 2025) को की है। बुधवार को राजस्थान पुलिस ने 148 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ कर जोधपुर में वायुसेना के एयरबेस पर छोड़ा है। यहाँ से उन्हें एक विशेष विमान के जरिए पश्चिम बंगाल भेजा गया है। यहाँ BSF से सहयोग करके उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

राजस्थान में पुलिस ने अब तक 1008 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा है। यह बांग्लादेशी घुसपैठिए राजस्थान के 17 जिलों से गिरफ्तार किए गए हैं। जयपुर रेंज से सबसे बड़ी संख्या में घुसपैठिए गिरफ्तार हुए हैं। सबसे अधिक गिरफ्तारियाँ सीकर में हुई हैं।

सीकर से पुलिस ने 393 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार किए हैं। इनमें से अधिकांश ईंट भट्ठों पर काम कर रहे थे। राजस्थान में बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने के बाद उन्हें जयपुर स्थित एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। राजस्थान में 6 ऐसे डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं।

जो घुसपैठिए अभी राजस्थान के भीतर बचे हैं, जल्द ही उन्हें भेजा जाएगा। बांग्लादेश सरकार को भी उसके नागरिकों के विषय में सूचना दी जा रही है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद चालू हुई थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य भर में घुसपैठिए ढूँढने का आदेश दिया था।

राजस्थान में इन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमों का भी गठन किया गया था। इन टीमों ने राजस्थान में लोगों की आईडी एवं उनके फोन तथा बैंक खातों की जाँच करके नागरिकता का पता लगाया है। राजस्थान के अलावा भी देश के बाकी राज्यों में घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।

इससे पहले असम के मटिया डिटेंशन कैंप में रखे गए 100 से अधिक रोहिंग्या भी वापस बांग्लादेश भेज दिए गए थे। इसकी पुष्टि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -