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RCB वाले इवेंट पर पुलिस ने दी थी चेतावनी, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार ने किया नजरअंदाज: 11 लोगों की हुई भगदड़ में मौत, अब जिम्मेदारी से बच रहे CM सिद्दारमैया

बेंगलुरु में IPL में RCB की जीत का जश्न मनाने के दौरान हुई भगदड़ के एक दिन पहले, DCP एमएन करिबसवाना गौड़ा ने कर्नाटक सरकार को एक पत्र भेज कर सुरक्षा व्यवस्था के लिए आगाह किया था।

बेंगलुरु में RCB की IPL जीत के जश्न में हुए इवेंट को लेकर पुलिस ने पहले ही कॉन्ग्रेस को चेतावनी दी थी। पुलिस ने कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार को एक पत्र लिखा था। भगदड़ जैसी स्थिति ना बने, इसे रोकने को पुलिस ने कई सिफारिश भी दी थीं। हालाँकि, कॉन्ग्रेस सरकार ने इन्हें नजरअंदाज किया और 11 लोगों की मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बेंगलुरु में IPL में RCB की जीत का जश्न मनाने के दौरान हुई भगदड़ के एक दिन पहले, DCP एमएन करिबसवाना गौड़ा ने कर्नाटक सरकार को एक पत्र भेज कर सुरक्षा व्यवस्था के लिए आगाह किया था।

इसमें उन्होंने मंगलवार (3 जून 2025) को विधान सौधा में बड़े पैमाने पर फैंस के जमा होने की संभावना और सुरक्षा कर्मियों की कमी के कारण व्यवस्था को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी।DCP गौड़ा ने सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस की तैनाती, ट्रैफिक नियंत्रण, एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने और सचिवालय में आधा दिन की छुट्टी घोषित करने समेत कई सिफारिशें की थी।

उन्होंने सचिवालय कर्मचारियों को अपने परिवार को कार्यक्रम में न लाने का आग्रह किया था। इन सभी सिफारिशों को कॉन्ग्रेस सरकार ने नजरअंदाज किया और 4 जून 2025 को हुए कार्यक्रम में व्यवस्था में चूक हुई और भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई।

इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, इस घटना के बाद पुलिस ने अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। कर्नाटक पुलिस ने RCB, DNA एंटरटेनमेंट और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के तहत FIR दर्ज की है।

घटना के बाद कर्नाटक सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की तैयारी पर गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस द्वारा दी गई पूर्व चेतावनी को नजरअंदाज करना और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न करना सरकार के लिए शर्मनाक साबित हुआ है। इसके कारण अब सरकार की ओर से जवाब माँगे जाने और सुरक्षा प्रबंधों में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

हाला की मामले की जाँच अब पुलिस के साथ-साथ CID के अधिकारियों ने भी शनिवार (7 जून, 2025) से जाँच शुरु कर दी है। उन्होंने प्रवेश द्वार, भगदड़ वाले स्थान और कार्यालय के साथ-साथ अन्य स्थानों की भी जाँच की।

वही कर्नाटक सरकार ने 4 जून को बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना की जाँच के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जॉन माइकल कुन्हा की एक सदस्यीय जाँच आयोग का गठन किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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