Tuesday, April 14, 2026
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बांग्लादेश में हिंदुओं का दमन जारी, ढाका में इस्लामी कट्टरपंथियों ने घेरा दुर्गा माता का मंदिर : कहा – ‘खुद मंदिर हटा लें, वर्ना तोड़ देंगे’, दी कुछ घंटों की मोहलत

बांग्लादेश के ढाका में इस्लामी भीड़ ने दुर्गा मंदिर को घेर कर हमला बोल दिया और अगले कुछ घंटों में ही हिंदू श्रद्धालुओं से जमीन को खाली करने की धमकी दी।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भी मंदिर सुरक्षित नहीं है। शहर के खिलखेत इलाके में मुस्लिम भीड़ ने सोमवार (23 जून 2025) की रात एक हिंदू मंदिर को घेर लिया और मंगलवार तक तोड़ने की धमकी दी।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘श्री श्री दुर्गा मंदिर’ इस इलाके का भव्य मंदिर है, जो इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर है। यहाँ बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। सोमवार को भी काफी संख्या में भक्त मौजूद थे, जब इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हिंदू भक्तों को मंगलवार (24 जून) दोपहर 12 बजे तक मंदिर खुद से तोड़ने या सजा भुगतने की धमकी दी।

मंदिर में मौजूद हिन्दू भक्त सुमन सुधा के मुताबिक इस्लामिक कट्टरपंथियों ने कहा, “अगर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय उनके हुक्म के आगे नहीं झुका तो वे हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर देंगे।”

मंदिर के पास भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस पहुँची और मामले को शांत कराया। घटना पर इंस्पेक्टर मोहम्मद आशिकुर रहमान ने कहा, “हमें घटना के बारे में पता चला है। हमारे वरिष्ठ अधिकारी मामले को (मंगलवार तक) सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने माना, “कुछ मुस्लिम वहाँ गए और तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी।” बाद में रहमान ने हिंदू मंदिर को तोड़ने के अल्टीमेटम को मंदिर के पास हुई बहसबाजी का नतीजा बताया और मामले की गंभीरता को कम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “हम पूरे मामले की जाँच कर रहे हैं ताकि कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।”

1400 साल पुराने चंडी माता मंदिर की जमीन पर अब्दुल ने किया कब्जा

बांग्लादेश के ही एक अन्य मामले में कूमिला में अब्दुल अली नाम के व्यक्ति ने हिंदू मंदिर की जमीन पर कब्जा कर लिया। ये मामला लालमाई इलाके में 1400 साल पुराने चंडी माता मंदिर से जुड़ा है, जहाँ अब्दुल अली ने मंदिर की जमीन पर टिन का घर बना लिया और उसे अपनी पैतृक संपत्ति घोषित कर दी।

बांग्ला ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार अली ने हिंदू मंदिर की जमीन पर एक अस्थायी घर बनाया और इसे अपनी ‘पैतृक संपत्ति’ घोषित कर दिया। जब शिव चंडी मंदिर की एक महिला भक्त ने अवैध अतिक्रमण का विरोध किया, तो अली और उसके आदमियों ने उस पर हमला कर दिया। पीड़िता की पहचान चंदना राहुत के रूप में हुई है।

शिव चंडी मंदिर समिति के अध्यक्ष दीपक साहा ने उनके दावों को खारिज करते हुए कहा, “प्रवेश द्वार के पश्चिम की ओर 600 एकड़ जमीन मंदिर के नाम पर दर्ज है। हाल ही में हमने श्रद्धालुओं के लिए इस जमीन पर एक विश्राम गृह बनाया था। लेकिन शनिवार को उसने (अब्दुल अली) हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया। अली ने जमीन पर घर बना लिया है।”

17 जून 2025 को हिंदुओं ने मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया ।

एक अन्य मामले में मुस्ताक नामक एक स्थानीय इस्लामिक कट्टरपंथी और उसके समर्थकों ने संन्यास मंदिर और राधा गोविंदो मंदिर दोनों पर कब्जा कर लिया। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं के घरों में जाकर धमकी दी कि यदि किसी ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने की कोशिश की तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

हिन्दुओं ने एकजुटता दिखाई और धमकी का विरोध किया। इस दौरान 16 जून 2025 को मुस्ताक के समर्थकों ने हिन्दू मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अतुल चंद्रा सरकार पर हमला कर दिया जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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