Friday, April 10, 2026
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकनाडा में SFJ ने बनाया 'दूतावास', टैक्स पेयर के पैसे से बने गुरूद्वारे का...

कनाडा में SFJ ने बनाया ‘दूतावास’, टैक्स पेयर के पैसे से बने गुरूद्वारे का हिस्सा कब्जाया: ‘डिप्लोमेटिक पोस्ट’ पर ‘रिपब्लिक ऑफ़ खालिस्तान’ लिखा

कनाडा की शीर्ष खुफिया एजेंसी सीएसआईएस ने हाल ही में कहा है कि खालिस्तानी भारत को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा की धरती का इस्तेमाल हिंसा को बढ़ावा देने, धन जुटाने और योजना बनाने के लिए करते रहे हैं।

कनाडा के सरे में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने ‘एंबेसी ऑफ द रिपब्लिक खालिस्तान’ के नाम से कथित ‘दूतावास’ स्थापित कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों की इस पर कड़ी नजर है क्योंकि प्रतिबंधित संगठन एसएफजे वहाँ सिख जनमत संग्रह यानी सिख रेफेरेंडम से पहले एक बार फिर इस रूप में सामने आया है।

गुरुद्वारे में खोला गया कथित खालिस्तानी दूतावास

‘सिख फॉर जस्टिस’ ने गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के साथ मिलकर कथित ‘खालिस्तान दूतावास’ खोला है। गुरुद्वारा परिसर में मौजूद एक इमारत में ‘खालिस्तान गणराज्य’ के बोर्ड के साथ यह अस्थायी डिप्लोमेटिक पोस्ट भी स्थापित की गई है।

गौर करने वाली बात यह है कि जिस इमारत में कथित दूतावास खोला गया है, वह टैक्स पेयर्स के पैसे से बना था। स्थानीय लोगों ने CNN-News18 को बताया गया है कि ब्रिटिश कोलंबिया सरकार ने हाल ही में उसी इमारत में एक लिफ्ट लगाने के लिए 150,000 डॉलर यानी 1,31,73,225 रुपए आवंटित किए।

खालिस्तानियों का घर बना कनाडा

इससे पहले कनाडा की खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस ने सार्वजनिक तौर पर ये माना था कि खालिस्तानी कनाडा की धरती का इस्तेमाल हिंसा को बढ़ावा देने, धन जुटाने और योजना बनाने के लिए कर रहे हैं। ये लोग भारत को निशाना बनाना चाहते हैं। यह पहली बार हुआ है जब कनाडा की खुफिया एजेंसी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में खास तौर पर कहा है कि खालिस्तानी संगठन हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत लगातार जताता रहा है विरोध

भारत पहले से कहता आ रहा है कि कनाडा खालिस्तानियों की शरणस्थली बन गया है। 1980 से कनाडा में मौजूद खालिस्तानी चरमपंथी भारत में पंजाब को ‘एक स्वतंत्र खालिस्तान’ बनाने की माँग करते रहे हैं। अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का सहारा लिया गया। पंजाब सालों तक हिंसा की आग में जलता रहा।

भारत ने खालिस्तानी उग्रवादियों के प्रति ढिलाई बरतने पर बार-बार कनाडा से आपत्ति दर्ज कराई है। लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में कनाडा में आतंकवाद को पनपने दिया गया और अब कनाडा की धरती पर टैक्सपेयर के पैसे से कथित “खालिस्तानी दूतावास” का निर्माण भारत के साथ में और खटास पैदा करेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मिडिल ईस्ट अपडेट्स 07/04/26:अब तक 1800+ नाविक और 815000 लोग लौटे घर, जानिए सरकार ने और क्या-क्या बताया

पश्चिम एशिया संकट के दौरान सरकार ने नागरिकों को निकालने और तेल-गैस की आपूर्ति बहाल रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। दवाओं की कीमत स्थिर रहे, इसलिए कस्टम ड्यूटी शून्य कर दिया।

अरफा के लिए US-इजरायल की मार से तबाह हुआ ईरान ‘विश्वगुरु’, वो सुपरपॉवर भी: ‘उम्माह’ के लिए कुछ भी करेगा ‘इस्लामी’ इकोसिस्टम, समझें इनका...

अस्थाई सीजफायर होते ही ईरान को विश्वगुरु साबित करने में जुट गईं। क्यों? क्योंकि तुम्हारा सहोदर पाकिस्तान वहाँ दलाली करने लगा था। बात अब उम्माह की हो गई है ना?
- विज्ञापन -