भारतीय रेलवे ने अपनी अब तक की सबसे लंबी मालगाड़ी ट्रेन ‘रुद्रास्त्र (Rudrastra)’ लॉन्च किया है। यह ट्रेन करीब 4.5 किलोमीटर लंबी है। इसमें 7 इंजन हैं। इसे 6 खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार किया गया है। इसमें 354 वैगन हैं।
जानकारी के अनुसार, इसका संचालन पूर्व मध्य रेल के दीनदयाल उपाध्याय मंडल (DDU) के गंजख्वाजा स्टेशन से गढ़वा रोड स्टेशन तक किया गया। ‘रुद्रास्त्र’ ने उत्तर प्रदेश के गंजख्वाजा स्टेशन से झारखंड के गढ़वा रोड स्टेशन तक का 200 किलोमीटर का सफर लगभग 5 घंटे में पूरा किया।
#WATCH | Chandauli, Uttar Pradesh | For the first time in the entire Indian Railways, Pandit Deen Dayal Upadhyay Division ran 4.5 km long 'Rudrastra', a 354 wagon freight train made by joining 6 box rakes together, was run by 7 engines.
— ANI (@ANI) August 9, 2025
'Rudrastra' was successfully run from… pic.twitter.com/tk83MgfU7F
इस दौरान इसकी औसत रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा रही। ट्रेन का कुछ हिस्सा Dedicated Freight Corridor (DFC) पर चला और बाकी सफर सामान्य पटरियों पर हुआ।
यह मालगाड़ी मुगलसराय के पास स्थित गंज ख्वाजा स्टेशन से खुलने के बाद भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन और सोननगर होते हुए झारखंड के गढ़वा रोड स्टेशन पहुँची। इसके बाद इसे अगले रेल मंडल को हैंडोवर कर दिया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर इस मालगाड़ी का एक वीडियो भी साझा किया है।
'Rudrastra' – Bharat's longest freight train (4.5 km long) pic.twitter.com/Ufk2MFnpfl
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) August 8, 2025
क्यों है ‘रुद्रास्त्र’ खास?
इस ट्रेन को 6 अलग-अलग रेक को जोड़कर बनाया गया है। अगर ये 6 एक अलग-अलग चलाई जातीं, तो हर एक के लिए अलग क्रू व्यवस्था, शेड्यूलिंग और रूटिंग करनी पड़ती। एक साथ चलाने से रेलवे का समय, स्टाफ और संचालन खर्च बचता है। इससे माल ढुलाई तेज और किफायती हो जाती है, जो भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए बड़ा कदम है।
इसे लेकर पूर्व मध्य रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने कहा,“ रुद्रास्त्र’ न केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण है, बल्कि यह माल ढुलाई के भविष्य के लिए एक आदर्श मॉडल साबित हो सकती है जो समय, लागत और श्रम की बचत करेगी। 54 वैगन, 7 इंजन और 4.5 किलोमीटर लंबी ‘रुद्रास्त्र’ मालगाड़ी का सफल संचालन डीडीयू मंडल की नई सोच और नवाचार की शानदार मिसाल है।”
एशिया की सबसे लंबी मालगाड़ी है रुद्रास्त्र
‘रुद्रास्त्र’ के संचालन के लिए पूर्व मध्य रेलवे के DDU डिवीजन ने विशेष तकनीकी समन्वय और नियंत्रण किया है। यहाँ मालगाड़ियों के डिब्बों की मरम्मत और तकनीकी जाँच कर उन्हें फिर से जोड़ने का कार्य किया जाता है। यह डिवीजन मालगाड़ी डिब्बों की मरम्मत और निरीक्षण में माहिर है। इस उपलब्धि को इनकी दक्षता, नवाचार और टीम वर्क का परिणाम माना जा रहा है।
? *भारतीय रेल में नया कीर्तिमान!*
— DRM Pt. Deen Dayal Upadhyaya Division (@DRM_DDU) August 7, 2025
डीडीयू मंडल ने देश मे पहली बार 4.5 किमी लंबी 'रूद्रास्त्र' मालगाड़ी चलाई — 354 वैगन, 6 रेक, 7 इंजन। गंजख्वाजा से धनबाद मंडल के लिए चला रुद्रास्त्र।
समय की बचत, क्षमता में बढ़ोतरी और नवाचार का बेहतरीन उदाहरण! #IndianRailways #Rudrastra pic.twitter.com/fOHbzcivu8
DDU मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) उदय सिंह मीणा ने कहा, “यह एक नया प्रयोग है। इससे माल ढुलाई और लोडिंग तेज होगी। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। इससे भारतीय रेलवे को फायदा होगा। रुद्रास्त्र मालगाड़ी रेलवे के रिकॉर्ड के अनुसार एशिया की सबसे लंबी मालगाड़ी है।”
वैसे दुनिया की सबसे लंबी मालगाड़ी अभी ऑस्ट्रेलिया की BHP कंपनी के पास है। इसकी लंबाई 7.3 किलोमीटर है और उसमें 682 वैगन हैं।


