‘वोट चोरी’ के नाम पर राहुल गाँधी के सुर में सुर मिलाते हुए अब अखिलेश यादव भी राग अलापने लगे हैं। सपा सुप्रीमो ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे- लखनऊ, कासगंज, बाराबंकी और जौनपुर की ओर उंगली उठाते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। लेकिन चुनाव आयोग ने फिर इन दावों को खारिज कर पोल खोल दी। जाँच में सारे आरोप झूठे निकले। इतना ही नहीं, इन जिलों के DM ने अखिलेश यादव के पोस्ट पर खुद फैक्ट चेक करते हुए जवाब भी दिया है।
अखिलेश यादव का आरोप
अखिलेश यादव ने 17 अगस्त 2025 को X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि यूपी के कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, जो वोट चोरी का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इस संबंध में चुनाव आयोग को कई सबूत दिए हैं, लेकिन आयोग इन्हें नजरअंदाज कर रहा है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने 4 तस्वीरें भी पोस्ट में शेयर की, जो लखनऊ, कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर की है।
जो चुनाव आयोग ये कह रहा है कि हमें यूपी में समाजवादी पार्टी द्वारा दिये गये ऐफ़िडेविट नहीं मिले हैं, वो हमारे शपथपत्रों की प्राप्ति के प्रमाण स्वरूप दी गयी अपने कार्यालय की पावती को देख ले। इस बार हम मांग करते हैं कि चुनाव आयोग शपथपत्र दे कि ये जो डिजिटल रसीद हमको भेजी गयी है वो… pic.twitter.com/9A4njvF9Tw
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 17, 2025
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि लखनऊ के बक्शी का तालाब में 13 मतदाताओं के नाम हटाए गए। कासगंज के अमांपुर में 8 मतदाताओं के नाम हटाए गए। बाराबंकी के कुर्सी में 2 मतदाताओं के नाम हटाए गए। जौनपुर में 5 मतदाताओं के नाम हटाए गए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग द्वारा दी गई डिजिटल रसीद अगर गलत साबित होती है तो ‘डिजिटल इंडिया’ की विश्वसनीयता भी खतरे में है।
लखनऊ DM का फैक्ट चेक
अखिलेश का दावा था कि लखनऊ के ‘बक्शी का तालाब’ क्षेत्र में 13 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए। लखनऊ DM ने जब जाँच की तो पता चला कि सिर्फ एक मतदाता का नाम 2012 में हटाया गया था। इसका कारण यह था कि वह व्यक्ति उस क्षेत्र में नहीं रहता था। बाकी सभी 12 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में मौजूद हैं।
लखनऊ जिले के विधान सभा क्षेत्र 169-बक्शी का तालाब के 13 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गलत ढंग से काट दिये जाने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुयी थी। जांच में पाया गया कि एक मतदाता का नाम अपने क्षेत्र में निवासरत न रहने के कारण वर्ष 2012 में नियमानुसार विलोपित किया गया था। (1/2) https://t.co/14Y4E6S22r
— DEO Lucknow (@LucknowDEO) August 19, 2025
कासगंज DM का फैक्ट चेक
अखिलेश यादव ने दावा किया कि कासगंज के अमांपुर क्षेत्र से 8 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए थे। काजगंज DM ने जब इसकी जाँच की तो पाया कि 7 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दो बार लिखे हुए थे। नियमानुसार एक नाम को विलोपित (हटा दिया गया) किया गया। एक मतदाता का नाम अभी भी मतदाता सूची में है।
ईमेल के माध्यम से जनपद कासगंज की विधान सभा 101 अमांपुर के अंतर्गत 8 मतदाताओं के नाम गलत ढंग से काटने की शिकायत प्राप्त हुयी थी।जांच में पाया गया कि 7 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दो बार होने के कारण नियमानुसार एक नाम को विलोपित किया गया था। (1/2) https://t.co/icgH4iyy00
— DM Kasganj (@DmKasganj) August 19, 2025
बाराबंकी DM का फैक्ट चेक
अखिलेश यादव ने दावा किया कि बाराबंकी के 266 कुर्सी क्षेत्र में 2 मतदाताओं ने शपथ पत्र दिया था कि उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। लेकिन जब बाराबंकी DM ने जाँच की तो पाया कि दोनों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। किसी का भी नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है।
बाराबंकी जिले के विधान सभा क्षेत्र 266-कुर्सी के 2 मतदाताओं के शपथ पत्र उनके नाम मतदाता सूची से गलत ढंग से काट दिये जाने के संबंध में प्राप्त हुए। जांच में पाया गया कि उपर्युक्त दोनों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। https://t.co/Qk2axJ5UEe
— DM Barabanki (@BarabankiD) August 19, 2025
जौनपुर DM का फैक्ट चेक
अखिलेश यादव ने दावा किया कि जौनपुर में पाँच मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। जौनपुर DM ने जब की तो पाया कि ये सभी पाँचों मतदाता 2022 से पहले ही मर चुके थे। इसकी पुष्टि उनके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भी की थी। इसलिए इन पाँचों मतदाताओं के नाम नियमानुसार हटाए गए थे।
ईमेल के माध्यम से जनपद जौनपुर की विधान सभा 366 जौनपुर के अंतर्गत पांच मतदाताओं के नाम गलत ढंग से काटने की शिकायत प्राप्त हुयी थी। वर्णित सभी पांचों मतदाता वर्ष 2022 के पूर्व ही मृतक हो चुके थे। इसकी पुष्टि सम्बंधित मृतक मतदाता के परिवार के सदस्यों, स्थानीय लोगों सहित स्थानीय… https://t.co/waiNov1BJ9
— DM JAUNPUR (@DMjaunpur) August 19, 2025
आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी है। जिन मामलों में नाम हटाए गए, वे या तो दोहरे नामांकन के कारण थे या फिर मतदाता की मृत्यु हो गई थी। इस तरह के झूठे आरोप लगाकर अखिलेश यादव न केवल एक संवैधानिक संस्था पर सवाल उठा रहे हैं, बल्कि जनता को भी गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी कड़ी में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कुछ लोगों को हायर कर चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगवाया, जिनका जवाब ECI ने फैक्ट चेक के साथ देकर बोलती बंद की।


