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बेटे की मौत का फायदा उठा घर में घुसे मिशनरी, बोले-भगवान ने की नाइंसाफी, येशू मदद करेंगे: MP में 10 साल में 200 परिवारों का धर्मांतरण, 5 गिरफ्तार

स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के गरीब, दुखी और जरूरतमंद लोगों को पढ़ाई, पैसे और इलाज जैसी चीजों का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के नवानगर इलाके में पिछले 10 साल से धर्म परिवर्तन का नेटवर्क चल रहा था। मंगलवार (9 सितंबर 2025) की रात पुलिस ने छापा मारा और मौके से आपत्तिजनक ईसाई धर्म संबंधी और किताबें बरामद की। मामले में पुलिस ने नाथन नायक, मीणा नायक, अर्पित नायक, पिंकी सोनवानी और नंदन शाह को गिरफ्तार किया है। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

यह पूरा मामला नवानगर की बसौर बस्ती से जुड़ा है, जहाँ नाथन नायक और उसका परिवार रह रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये लोग आसपास के गरीब, दुखी और जरूरतमंद लोगों को पढ़ाई, पैसे और इलाज जैसी चीजों का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करते थे।

बस्ती वालों के अनुसार, हर रविवार, बुधवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग वहाँ जमा होते थे। जैसे ही सब अंदर जाते, गेट बंद कर दिया जाता और अंदर क्या होता, किसी को पता नहीं चलता।

स्थानीय महिला रेणु देवी ने बताया कि उनके बेटे की मौत के बाद परिवार परेशान था, तभी ये लोग उनके पास आने लगे, हाल-चाल पूछने लगे और फिर यीशू की प्रार्थना में बुलाने लगे। उन्होंने साफ मना कर दिया, लेकिन कई दूसरे लोग लालच में आ गए और धर्म परिवर्तन कर लिया।

रेणु देवी ने कहा, “ये लोग मेरे ऊपर निगाह रख रहे थे। आते-जाते मुझसे हाल पूछते। कुछ दिन बाद मेरे पास बैठकर मन बहलाने की कोशिश करने लगे। हफ्ता भर ही हुआ होगा कि धर्म-कर्म की बातें करते। वो कहते- भगवान ने बहुत बड़ी नाइंसाफी कर दी। येशू मेरी मदद करेंगे। वे बहुत दयालु हैं। मुझसे इन लोगों ने प्रार्थना में आने के लिए कहा। बोलते थे कि हम पैसा-धेला सब से मदद करेंगे।”

नाथन पहले से ही ईसाई बन चुका था और सिंगरौली में आकर सिलाई की दुकान खोली थी। फिर धीरे-धीरे उसने ढाई हजार वर्ग फीट जमीन पर कब्जा कर चर्चनुमा बिल्डिंग बना ली। वहीं पर बैठकर वो और उसका परिवार धर्म परिवर्तन का काम करते थे। उसकी पत्नी मीणा महिलाओं को और बेटा अर्पित युवाओं को टारगेट करता था।

बस्ती के लोगों का कहना है कि करीब 200 से ज्यादा लोग ईसाई बन चुके हैं। यहाँ तक कि कोयला खदान में काम करने वाले कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी प्रार्थना सभा में शामिल होते थे।

पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि क्या कॉलेजों में भी युवाओं को टारगेट किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए पैसों का इस्तेमाल हुआ। इसलिए उनके बैंक अकाउंट्स की भी जाँच की जा रही है। फिलहाल घर और दुकान सील कर दी गई है और मामले की गहराई से जाँच चल रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नवानगर थाना प्रभारी कपूर त्रिपाठी ने कहा,” सूचना मिली थी कि एक बस्ती में कुछ लोग स्थानीय लोगों को बरगलाकर अवैध रूप से उनका धर्मांतरण करा रहे हैं। इस सूचना पर तुरंत एक्शन लिया गया। मौके पर जाकर देखा तो करीब 100 लोग वहां इकट्ठा थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया। इन आरोपितों से पूछताछ जारी है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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