उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ के जवाँ कस्बे में रहने वाले 20 वर्षीय करन की फेसबुक पोस्ट से नाराज मोहम्मद असद ने बेरहमी से हत्या कर दी। पहले से नाराज असद ने करन को बात करने के बहाने घर के बाहर बुलाया और फिर उसे मामूली कहासुनी के बाद पास के ही खंडहर पड़े अपने मकान में खींचकर ले गया। इसके बाद असद ने दोस्तों के साथ मिलकर करन का पहले तो सिर दीवार में मारा, फिर चाकू से गले को काटा और फिर शरीर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
बड़े भाई की चीखपुकार सुन घर से बाहर आए 12 वर्षीय छोटे भाई के शोर मचाने पर सभी आरोपित मौके से भाग गए। हैरानी की बात ये कि करन की हत्या करने के बाद असद सीधे पास के पुलिस स्टेशन पहुँचा और फिर उसने थाने के नल पर अपने खून से सने हाथ-पैर धोए और अंदर पुलिस को जाकर बोला कि मैं हत्या करके आया हूँ।
आरोपित के कबूलनामे को सुन पुलिस ने असद को हिरासत में लिया और घटनास्थल की ओर दौड़ी। पीड़ित माँ महारानी ने लिखित शिकायत में बताया कि शनिवार(11 अक्टूबर) रात करीब साढ़े 9 बजे मेरे बेटे करन को मौहल्ले का ही निवासी इदरीश पुत्र अब्दुल कलाम बहाने से अपने घर ले गया। इसके बाद करीब साढ़े 11 बजे इदरीश, नफीश खाँ, असद, अयान, अनश, अरमान, अल्तमश और चाँद ने मिलकर मेरे बेटे की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
वहीं रविवार सुबह होते ही करन की हत्या को लेकर हिंदुओं में आक्रोश फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद जवां पहुँचे शव का परिजनों ने दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया और देखते ही देखते हजारों की सँख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। महिलाओं ने मुरादाबाद हाईवे बाईपास को जाम कर दिया। जब पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो गुस्साई भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया।
लोगों के गुस्से को देख पुलिस के हाथ पैर फूल गए। गुस्साए लोग पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलाने की माँग पर अड़े रहे। पुलिस से मिली लिखित आश्वासन के बाद ही शाम को गुस्साई भीड़ सड़क से हटी और फिर परिजन शव को दाह सँस्कार के लिए ले गए।
अहेरिया समाज से आने वाले करन तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। सबसे बड़े भाई अपनी पत्नी के साथ पंजाब में रहते हैं। करन नोएडा में मजदूरी करता था और माँ गाँव में 12 वर्षीय छोटे बेटे सनी संग रहती थी। पिता मेघ सिंह की करीब 10 वर्ष पूर्व सीढ़ियों से गिरकर मौत हो गई थी। करन की माँ महारानी ने बिलखते हुए बताया कि जब से गली में मँदिर बना है, तब से यह(असद का परिवार) लोग हमारे परिवार से खुन्नस मानते आ रहे हैं। इसी खुन्नस में खुद असद ने उनके बेटे को नोएडा से बहाने से बुलाकर हत्या की।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, मौहल्ले में अहेरिया समाज की आबादी अधिक है। जबकि मुस्लिम परिवार कुछ ही सँख्या में हैं। कुछ वर्ष पहले अहेरिया समाज ने मिलकर एक मँदिर का निर्माण कराया था। तब आरोपित असद के परिवार और अन्य मुसलमानों ने मंदिर निर्माण का विरोध किया था। तभी से असद का परिवार करन के परिवार से खुन्नस मानता है।
अलीगढ़ पुलिस ने बताया कि पुलिस तो करन की हत्या की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। मामले में मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपित सहित सभी आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शांति व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में कस्बे में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल मौके पर शांति है। हालाँकि अलीगढ़ पुलिस ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि आखिर करन की हत्या किस बात पर हुई।


