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विदेश में बैठे लोग भारत में बना रहे देश विरोधी माहौल या गलती तकनीक की?: जानिए X के नए फीचर से सोशल मीडिया पर क्यों मच रहा बवाल, प्रोपेगेंडा पोर्टल Alt News भी घेरे में

लोगों के स्क्रीनशॉट्स देखने के बाद जब हमने खुद भी जाकर अकाउंट्स को चेक किया तो इस बात की पुष्टि हुई है कि वाकई इनमें से कोई अमेरिका, कोई साउथ एशिया, तो कोई हॉन्ग-कॉन्ग से भारत पर न सिर्फ नजर रखे हुए है बल्कि भारतवासियों को भड़काने का भी काम भी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) का एक नया फीचर सामने आया है। अब तक एक्स पर केवल आप ये देख सकते थे कि ये अकाउंट कब क्रिएट किया गया है या कब वैरिफाइड हुआ है, लेकिन अब आप ये भी देख सकते हैं कि ये अकाउंट कहाँ से संचालित किया जा रहा है।

X पर अब जहाँ से कोई अकाउंट चल रहा है उस देश या क्षेत्र का नाम कोई भी व्यक्ति देख सकता है। उदाहरण के तौर पर आप ‘ऑपइंडिया’ का यह अकाउंट देख सकते हैं।

X का कहना है कि यह उनके पोर्टल पर दिखाई देने वाले कॉन्टेंट की प्रमाणिकता को सत्यापित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। लंबे वक्त से ये शिकायत की जा रही थी कि सोशल मीडिया पर कहीं और बैठे लोग किसी और देश का व्यक्ति बनकर वहाँ शांति के लिए खतरा पैदा कर रहे थे और भारत में भी ऐसी कोशिशें किए जाने की शिकायतें मिली थीं।

अब इस फीचर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने कई अकाउंट के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं, जिसमें यह दावा किया गया है कि अब तक जिन अकाउंट्स से लगातार केवल देश विरोधी या सरकार विरोधी भड़काऊ पोस्ट शेयर की जाती थी, असल में वह सभी भारत से नहीं बल्कि अन्य देशों से संचालित हो रहे हैं।

मोटे तौर पर इस फीचर के सामने आने के बाद यह सामने आया है कि कुछ लोग जो X पर खुद को भारतीय दिखाकर लोगों को देश या सरकार के खिलाफ भड़का रहे थे वो भारत के हैं ही नहीं। हालाँकि, देश के खिलाफ गतिविधियाँ करने के लिए इसी देश के नागरिक का एक मुखौटा उन्होंने पहना हुआ था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल देश की सुरक्षा पर उठता है।

लोगों के स्क्रीनशॉट्स देखने के बाद जब हमने खुद भी जाकर अकाउंट्स को चेक किया तो इस बात की पुष्टि हुई है कि वाकई इनमें से कोई अमेरिका, कोई साउथ एशिया, तो कोई हॉन्ग-कॉन्ग से भारत पर न सिर्फ नजर रखे हुए है बल्कि भारतवासियों को भड़काने का भी काम भी कर रहे हैं।

Alt News क्या अमेरिका से हो रहा संचालित?

सोशल मीडिया पर अपने कई उकसाने वाले पोस्ट के लिए कुख्यात Alt News के कुछ स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इन स्क्रीनशॉट में दावा किया जा रहा है कि असल में Alt News का अकाउंट भारत से संचालित ना होकर अमेरिका से संचालित हो रहा है। हालाँकि, Alt News द्वारा VPN का इस्तेमाल किए जाने का संदेह है लेकिन वायरल दावों में इसे US से चलने वाला अकाउंट ही बताया गया है।

यह कंपनी फैक्ट चेक संस्था होने का दावा करती है लेकिन यह भी देखा जा चुका है कि Alt News के संस्थापक, मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा, बेहद पक्षपाती हैं। जुबैर को कई बार सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें पोस्ट करते और फिर चुपचाप उन्हें डिलीट करते हुए पकड़ा गया है।

वहीं, Annusi Tiwari नाम से चल रहा एक अकाउंट, जिससे ना सिर्फ भारत विरोधी पोस्ट शेयर होती है, बल्कि हिंदुओं को आपस में ही लड़ाने की चालें चली जाती थी, उस अकाउंट के असल में भारत से नहीं बांग्लादेश संचालित होने का दावा किया जा रहा है।

एक और अकाउंट जिसने हमेशा ही ध्यान खींचा, वह था ‘इंडियन मुस्लिम आर्काइव’, जिसका हैंडल ‘Rustum_0’ है। इस अकाउंट का लोकेशन ‘दक्षिण एशिया’ है और यह भ्रामक इतिहास सामग्री पोस्ट करने के लिए जाना जाता है।

इसी तरह @DrNimoYadav का अकाउंट साउथ एशिया से संचालित किए जाने का दावा किया गया है। हालाँकि, स्क्रीनशॉट देखने के बाद जब हमने चेक किया तो लोकेशन अपडेट हो चुकी थी और फिलहाल उसका लोकेशन इंडिया ही दिखने लगा है। जबकि फिचर आने के बाद अकाउंट बेस्ड इन साउथ एशिया दिख रहा था।

इसके अलावा ExposeIT नाम से चलाया जा रहा अकाउंट, जिससे भारत के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए फेक फोटो वीडियो भी शेयर होती रहीं हैं, उसके भी यूनाइटेड स्टेट्स से संचालित होने का दावा किया जा रहा है।

टिप्पणी भारत पर और लोकेशन विदेशी

यह नया फीचर उन अकाउंट्स पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो लंबे समय से सोशल मीडिया पर उकसावे से भरी पोस्ट शेयर कर रहे थे। ऐसे ही एक हैंडल का नाम Tractor2twitr_P है। यह अकाउंट अक्सर पंजाब, सिख पहचान, किसान आंदोलन और कथित भेदभाव जैसे मुद्दों पर टिप्पणी करता है। नए फीचर में यह दिखाई देता है कि यह अकाउंट ‘ऑस्ट्रेलएशिया’ से चल रहा है जबकि इसकी प्रोफाइल में दावा किया गया है कि इसका मालिक लुधियाना से है।

यह अकाउंट लगातार भारत-विरोधी कंटेंट पोस्ट कर रहा है और पंजाब में उकसावे वाले अभियान चलाने में सक्रिय रहा है। किसान आंदोलन के दौरान भी ऐसे कई अकाउंट सामने आए थे, जो ऑनलाइन सबसे ज्यादा शोर मचा रहे थे। इसी तरह का एक और हैंडल tractor2twitr पहले भारत में बैन किया जा चुका है।

कारण यह है कि वह भारत-विरोधी सामग्री फैला रहा था। माना जा रहा है कि Tractor2twitr_P या तो उसी समूह द्वारा चलाया जा रहा है या वही विचारधारा और एजेंडा फैला रहा है। हाल ही में यह अकाउंट पंजाब यूनिवर्सिटी के विरोध-प्रदर्शन को लेकर लगातार नैरेटिव सेट करने वाली पोस्ट्स कर रहा है और माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

सरकार की बातों को मिला समर्थन

किसान आंदोलन के दौरान सरकार ने कहा था कि कई बड़े सोशल मीडिया अकाउंट भारत के बाहर से संचालित हो रहे हैं। उस समय इन बातों को कई लोगों ने नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन अब X का यह नया फीचर दिखा रहा है कि आंदोलन से जुड़े कुछ प्रमुख अकाउंट वास्तव में भारत में नहीं थे।

पहली बार किसी प्लेटफॉर्म ने खुद यह बताया है कि वे अकाउंट, जिन्होंने आंदोलन की ऑनलाइन दिशा तय की, असल में कहाँ से चलाए जा रहे थे। इस तरह यह फीचर अनजाने में सरकार की बातें सही साबित कर रहा है।

हजारों किलोमीटर दूर से नैरेटिव गढ़ने का खेल

अब बातचीत केवल सोशल मीडिया पर आवाज उठाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह सवाल भी हो रहा है कि कौन बोल रहा है और कहाँ से। जब कोई अकाउंट खुद को भारत की सामाजिक या राजनीतिक बातों से जुड़ा दिखाए लेकिन असल में विदेश से चल रहा हो, तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

जाति विवादों, सांप्रदायिक तनावों, पंजाब के मुद्दों और राजनीतिक नाराजगी पर कई ऑनलाइन चर्चाएँ उन लोगों ने चलाईं, जो भारत से बहुत दूर बैठे हैं। X पर आए नए ‘लोकेशन लेबल’ अब लोगों को यह समझने का तरीका देते हैं कि कौन सच में जमीन की हकीकत बता रहा है और कौन विदेश में बैठकर खुद को स्थानीय बताने की कोशिश कर रहा है।

लोकेशन छिपाने की वजह पर सवाल

हर विदेशी हैंडल को संदिग्ध मानना गलत है। बहुत से भारतीय विदेशों में रहते हैं और स्वाभाविक रूप से भारत से जुड़े मुद्दों पर बोलते हैं। लेकिन चिंता तब होती है जब ऐसे अकाउंट, जो तनाव पैदा करने वाले मुद्दों को बढ़ाकर पेश करते हैं, अपनी सही लोकेशन छुपाते हैं। अगर पारदर्शिता से कोई दिक्कत नहीं होती, तो वे अपनी असली लोकेशन क्यों छुपाते?

यह सवाल सहयोग, फंडिंग और जानबूझकर हस्तक्षेप जैसी आशंकाएँ पैदा करता है। और बड़ा सवाल यह है, किसे फायदा होता है जब संकट के समय भारत से बाहर बैठे लोग गलत सूचना और उकसाने वाले विचार फैलाते हैं?

पारदर्शिता से घबराहट क्यों?

इस फीचर का मकसद सिर्फ इतना था कि यूजर्स सही जानकारी के आधार पर फैसले ले सकें। मगर भारत में इसका असर काफी बड़ा दिख रहा है। अब सामने आ रहा है कि भारत से जुड़े कई एक्टिविस्ट और राजनीतिक कमेंट्री करने वाले अकाउंट असल में विदेशों से ऑपरेटेड  हैं।

जो अकाउंट पहले अपनी पहचान छुपाकर असर डालते थे, उन्हें अब असहजता हो रही है। क्योंकि अब भारत के लोग यह पहचान सकते हैं कि बोलने वाला असल में कहाँ से बोल रहा है। यह पारदर्शिता उन लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है, जो खुद अंधेरे में छिपकर भारत के खिलाफ नैरेटिव गढ़ते थे। इसमें में खासतौर पर वे, जो भारत के बाहर बैठकर ऐसा कर रहे थे।

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सौम्या सिंह
सौम्या सिंह
ख़ुद को तराशने में मसरूफ़

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