Homeविविध विषयअन्यबजट 2026-27 में IT और AI की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए खास...

बजट 2026-27 में IT और AI की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए खास व्यवस्था, डेटा सेंटर के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे का ऐलान: जानिए भारत के लिए क्यों है जरूरी

बजट 2026-27 में वित्त मंत्री ने 2047 तक भारत में डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स हॉलिडे की घोषणा की है। डेटा सेंटर्स AI के विकास के लिए जरूरी है। ये कदम देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल और इसकी वजह से डेटा सेंटर में आई तेजी का फायदा उठाने के लिए भारत सरकार ने बजट 2026 में डेटा सेंटर्स और क्लाउड सर्विसेस को लेकर बड़ा ऐलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव रखा। ये कदम देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस पॉलिसी का मकसद डेटा लोकलाइजेशन को बढ़ावा देना और क्लाउड प्रोवाइडर्स को घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

डेटा सेंटर्स और क्लाउड सर्विसेज को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने रविवार (1 फरवरी 2026) को अपने 2026-27 के बजट भाषण के दौरान कहा, “जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी लाने और डेटा सेंटर्स में निवेश बढ़ाने की जरूरत को समझते हुए, मैं 2047 तक किसी भी विदेशी कंपनी को टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव रखती हूँ, जो भारत से डेटा सेंटर सर्विस का इस्तेमाल करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सर्विस देती है। हालाँकि उसे भारतीय ग्राहकों को एक भारतीय रीसेलर एंटिटी के जरिए सर्विस देनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं यह भी प्रस्ताव रखती हूँ कि अगर भारत से डेटा सेंटर सर्विस देने वाली कंपनी एक रिलेटेड एंटिटी है, तो लागत पर 15% का सेफ़ हार्बर दिया जाए।”

एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि भारत का डेटा सेंटर बाजार अभी $10 बिलियन यानी करीब 91547.6 करोड़ रुपए का है, जिससे FY24 में लगभग $1.2 बिलियन यानी 10.8 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जेनरेट हुआ। रियल एस्टेट फर्म JLL के अनुसार, भारत में 2027 तक 795 MW की नई कैपेसिटी जुड़ने की उम्मीद है, जिससे कुल क्षमता 1.8 GW हो जाएगी।

इससे पहले केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट पिछले साल के $70 बिलियन यानी करीब 7 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) के आखिर तक दोगुना हो सकता है।

2025 में कई कंपनियाँ निवेश के लिए आगे आई

अक्टू बर 2025 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ ने घोषणा की थी कि वह AI-रेडी डेटा सेंटर में 1 गीगावाट (GW) बनाने के लिए 5 सालों में $6.5 बिलियन यानी ₹54,000 करोड़ से अधिक का निवेश करेगी। अक्टूबर 2025 में ही गूगल ने अडानी ग्रुप के साथ पार्टनरशिप में 1GW डेटा सेंटर बनाने के लिए $15 बिलियन यानी 1.22 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की।

माइक्रोसॉफ्ट ने भी दिसंबर 2025 में घोषणा की कि वह भारत में $17.5 बिलियन यानी 1.45 लाख करोड़ रुपए निवेश करेगा, जिसका मेन फोकस AI डेटा सेंटर ही होगा। अमेजन ने भी अगले 5 सालों में भारत में $35 बिलियन यानी 2.92 लाख करोड़ रुपए निवेश करेगा। हालाँकि उसने ये साफ नहीं किया है कि डेटा सेंटर में कितना निवेश होगा।

जानकारी के मुताबिक, भारत में अभी 1-3 GW की लीज़्ड डेटा सेंटर कैपेसिटी है, जो इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड और वियतनाम जैसे दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में सबसे ज्यादा है।

डेटा सेंटर AI की माँग को पूरा करने के लिए जरूरी है कंप्यूटिंग पावर का होना। इस क्षेत्र में विकास के लिए रेयर अर्थ मेटल्स की भी काफी माँग है। इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

बजट में वित्त मंत्री ने कहा, “रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट की स्कीम नवंबर 2025 में शुरू की गई थी। अब ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे मिनरल से भरपूर राज्यों को माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है।”

स्मार्टफोन जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों और यहाँ तक ​​कि फाइटर जेट तक में रेयर अर्थ मेटल्स की जरूरत है। इस घोषणा से भारत की रेयर अर्थ मेटल्स को लेकर चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

भारत की रणनीतिक जरूरत को पूरी करने के लिए डेटा सेंटर्स की जरूरत है क्योंकि भारत दुनिया का 20 फीसदी डेटा पैदा करता है, लेकिन उसके पास दुनिया का केवल 3फीसदी डेटा सेंटर है। इसको देखते हुए बजट 2026 में सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए 2027 तक टैक्स होलीडे का ऐलान किया है। दरअसल अब भारत सरकार हर तरह का डेटा जैसे स्वास्थ्य, वित्तीय और व्यक्तिगत डेटा देश में ही स्टोर करने पर जोर देती है।

भारत में ई कॉमर्स, ऑनलाइन पेमेंट और ओटीटी मीडिया के साथ साथ गेमिंग का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इनके लिए हाई स्पीड डेटा स्टोरेज की जरूरत है। भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मामले में एक वैश्विक लीडर बनने की ओर है। ऐसे में क्लाउड सर्विस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना देश की तरक्की और सुरक्षा के लिए अहम है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

FIFA World Cup 2026: जर्मनी की जीत खबर थी, कुराकाओ का जश्न ‘कहानी’

यह फीफा विश्व कप अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन मैदान पर जो कहानियाँ जन्म ले रही हैं, वे बता रही हैं कि फुटबॉल सिर्फ़ एक खेल नहीं है।

ED की शिकायत के बाद ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ पर कसा शिकंजा, जानिए FIR की डिटेल: विदेशी फंडिंग से चल रहा था ईसाई धर्मांतरण, बनाए...

ED की शिकायत पर अमेरिकी ईसाई संगठन TTI पर FIR दर्ज। विदेशी फंडिंग को भारत में लाकर इस्तेमाल करने और फेमा के उल्लंघन का आरोप।
- विज्ञापन -